मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ट्रिपल तलाक को समाप्त किया है। शिक्षण संस्थाओं में प्रगतिशील महिलाओं को आगे लाकर इस विषय पर डिबेट करानी चाहिए। ट्रिपल तलाक ने किस तरह आबादी के एक हिस्से को अधिकारों से वंचित कर रखा था। इस मुद्दे पर भी चर्चा कराकर सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव सरकार को भेज सकते हैं।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन केवल सरकारी अभियान नहीं है, आंकड़े बताते हैं कि जहां भी इसे जनांदोलन बनाया गया वहां चमत्कारी नतीजे सामने आए हैं। शिक्षण संस्थानों को इस मिशन को अपनाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चे केवल शिक्षण संस्थानों से डिग्री लेकर चलें जाएं यही जिम्मेदारी नहीं है बल्कि ऐसे तमाम कार्यों के प्रति भी शिक्षण संस्थानों का दायित्व है।