बाराबंकी के देवां स्थित बंगाली धर्मशाला में 34 बांग्लादेशी अवैध रूप से रह रहे थे। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस ने जब वहां छापा मारा तो वहां तीन बांग्लादेशी मिले। अन्य की तलाश पुलिस कर रही है।
इस मामले की खबर अमर उजाला संवाददाता को सूत्रों से मिली थी। हमारी टीम जब मौके पर पहुंची तो धर्मशाला का संचालक सकते में आ गया। उसने कोई भी जानकारी देने से मना कर दिया।
पूछताछ करती पुलिस
- फोटो : amar ujala
इसके बाद पुलिस को खबर की गई। पुलिस मौके पर पहुंची तो धर्मशाला के इंट्री रजिस्टर में किसी भी बांग्लादेशी का नाम दर्ज नहीं मिला। संचालक ने वहां ऐसे किसी भी व्यक्ति के होने की बात से इन्कार कर दिया।
पुलिस ने छानबीन शुरू की तो कमरों से तीन बांग्लादेशी मिले। उन्होंने स्वीकारा कि हम 37 लोग यहां रह रहे हैं। पुलिस ने अन्य के बारे में पूछा तो पता चला कि सभी अलग-अलग स्थानों पर कस्बे में या फिर मजारों पर गए हैं।
रजिस्टर की जांच करती पुलिस
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पहचान छिपाकर नियम विरुद्ध तरीके से धर्मशाला में बांग्लादेशियों को शरण देने वाले धर्मशाला संचालक से पुलिस पूछताछ कर रही है।
देवां के थानाध्यक्ष धनंजय का कहना है कि इन बांग्लादेशियों का कहना है कि वे टूरिस्ट वीजा पर आए हैं लेकिन अभी जांच की जा रही है। सभी बांग्लादेशियों के इकट्ठा होने पर पूछताछ के बाद ही कुछ स्पष्ट होगा।