लखनऊ। जालसाजों ने एलआईयू में तैनात दरोगा, तीन पुलिसकर्मियों व एक अन्य को फ्लैट, प्लॉट का झांसा देकर 36.40 लाख रुपये ऐंठ लिए। पीड़ितों ने गोमतीनगर विस्तार और गोसाईंगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
दरोगा जगदीश सिंह रायबरेली में एलआईयू में तैनात हैं। उनके मुताबिक वर्ष 2023 में मूलरूप से अमेठी के संग्रामपुर निवासी ललित तिवारी से मुलाकात हुई। वह गोमतीनगर विस्तार के मलेसेमऊ स्थित एसएसबी बिल्डिंग में रहता था। आरोपी ने उसी बिल्डिंग में फ्लैट दिलाने का झांसा दिया। जगदीश ने हामी भरने के साथ परिचित एटा के थाने में तैनात कांस्टेबल शुभम सिंह, कांस्टेबल आदर्श त्रिपाठी, गोमतीनगर विस्तार थाने के कांस्टेबल संदीप पटेल की ललित से मुलाकात कराई। उसने रजिस्ट्रेशन व सत्यापन के नाम पर चारों से अगस्त से सितंबर 2023 तक 11.40 लाख रुपये ले लिए, पर किसी को भी फ्लैट नहीं मिला। इस पर दरोगा ने गोमतीनगर विस्तार थाने में केस दर्ज कराया।
उधर, मुंबई के जोगेश्वरी ईस्ट निवासी कारोबारी मो. अब्दुल्ला सिद्दीकी का 2017 में गोसाईंगंज के एसएसएन इंफ्रा के डायरेक्टर एसके वाजपेयी व दिलशाद से संपर्क हुआ। दोनों ने उन्हें मोहनलालगंज के गोरिया कला गांव में 14 प्लॉट दिलाने की बात कही। अब्दुल्ला ने एडवांस में 25 लाख रुपये दिए। बाकी रकम रजिस्ट्री होने पर देने की बात तय हुई, लेकिन आरोपियों ने रजिस्ट्री नहीं की। इस बीच अब्दुल्ला को काम के सिलसिले में मुंबई जाना पड़ा। लौटने पर उन्होंने 10 सितंबर को गोसाईंगंज पुलिस से शिकायत की। पुलिस के मुताबिक दोनों मामलों की जांच चल रही है।