लखनऊ। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय में स्थापित टॉकिंग बुक स्टूडियो विद्यार्थियों के लिए ज्ञान का नया माध्यम बन रहा है। यहां अब पाठ्यक्रम के साथ साहित्य से जुड़ी किताबें भी ऑडियो रूप में उपलब्ध कराई जा रही हैं। विश्वविद्यालय ने दृष्टिबाधित और दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधा के लिए 3,500 से अधिक पुस्तकों को ऑडियो फॉर्मेट में बदलकर अपलोड किया है।
इन ऑडियो बुक्स में पाठ्यक्रम की किताबों के साथ साहित्य की प्रसिद्ध रचनाएं भी शामिल हैं। विद्यार्थी ‘गुनाहों का देवता’ के पात्र सुधा और चंदर की भावनात्मक कहानी सुन सकते हैं। इसके अलावा मुंशी प्रेमचंद के चर्चित उपन्यास ‘गोदान’, ‘निर्मला’, ‘रंगभूमि’ और ‘सेवासदन’ भी ऑडियो बुक के रूप में उपलब्ध हैं।
स्वामी विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय के प्रभारी प्रो. यशवंत वीरोदय ने बताया कि स्टूडियो में वर्तमान में 3,500 से अधिक ऑडियो बुक्स उपलब्ध हैं। इनके माध्यम से विशेष रूप से दृष्टिबाधित और दिव्यांग विद्यार्थी आसानी से अध्ययन कर पा रहे हैं। पाठ्यक्रम की पुस्तकों के साथ नाटक, कहानियां और उपन्यास भी ऑडियो फॉर्मेट में उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
जरूरत के अनुसार अपडेट होंगी किताबें
डिजिटल लाइब्रेरी में यदि किसी विद्यार्थी को किसी विशेष पुस्तक की ऑडियो कॉपी चाहिए, तो पुस्तक उपलब्ध कराने पर उसे विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से ऑडियो बुक में परिवर्तित कर दिया जाता है। इससे विद्यार्थी उसे सुनकर आसानी से पढ़ और समझ सकते हैं।
ये ऑडियो बुक्स उपलब्ध
- उच्च शिक्षा के 54 पाठ्यक्रम
- कक्षा 6 से 12 तक की एनसीईआरटी की पुस्तकें
- नाटक, कहानियां और उपन्यास
- पर्यावरण से जुड़ी ऑडियो बुक्स
- इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स
इन पाठ्यक्रमों की पुस्तकें उपलब्ध
इतिहास (बीए व एमए) की 76, एमएसडब्ल्यू की 18, मैनेजमेंट की 23, राजनीति विज्ञान की 53, एजुकेशन की 90 और हिंदी की 63 सहित विभिन्न विभागों के पाठ्यक्रमों की ऑडियो पुस्तकें स्टूडियो में उपलब्ध हैं।
कोट
टॉकिंग बुक स्टूडियो शिक्षा को समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। विशेष रूप से दृष्टिबाधित और दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए यह सुविधा ज्ञान तक उनकी आसान पहुंच सुनिश्चित करेगी।
- आचार्य संजय सिंह, कुलपति