प्रदेश के इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट व फार्मेसी संस्थानों में प्रवेश के लिए 19 अक्टूबर से शुरू हुई प्रवेश काउंसलिंग में सोमवार देर रात पहले चरण का सीट एलॉटमेंट हुआ, जिसमें 33656 स्टूडेंट्स को सीट एलॉट हुई है। अब वे 29 अक्टूबर तक अपनी सीट फ्रीज या फ्लोट कर सकेंगे। 29 तक ही उनको सीट कंफरमेशन शुल्क भी देना होगा।
पहले चरण की काउंसलिंग में 54878 विद्यार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया। रजिस्ट्रेशन शुल्क 48251 ने ही जमा किया। यही स्टूडेंट्स काउंसलिंग की प्रक्रिया में शामिल हुए। इसमें से 46305 स्टूडेंट्स ने अपनी सीट व कॉलेज का विकल्प भरा। 33656 को सीट एलॉटमेंट हुआ। 12649 विद्यार्थियों को उनकी रैंक के अनुसार चॉइस न मिलने के कारण सीट एलॉटमेंट नहीं हो सका है।
एसईई के उप समन्वयक अभिषेक नागर ने बताया कि जो सीटे एलॉट हुई उसमें सबसे ज्यादा 22054 बीटेक, बीटेक लेटरल इंट्री 2145, 4060 बीफार्मा, बीफार्मा लेटरल इंट्री 164, 2781 एमबीए, एमबीए इंट्रीग्रेटेड 101, 1160 एमसीए, एमसीए इंट्रीग्रेटेड 20, 331 बीआर्क, बीएचएमसीटी 48, बीएफए 33, 18 बीडेस, बीएफएडी 8, बीवोक 7 शामिल हैं। मंगलवार देर शाम तक 3000 स्टूडेंट्स ने अपनी सीट भी लॉक कर दी थी।
620 स्टूडेंट्स ने 200 से ज्यादा चॉइस भरी
काउंसलिंग में कुछ रोचक चीजें भी देखने को मिली। इसके अनुसार जिन 46305 स्टूडेंट्स ने अपनी चॉइस भरी। उनके द्वारा कुल 14 लाख चॉइस भरी गई। 19 हजार स्टूडेंट्स ने 01 से 10 तक विकल्प दिए। जबकि 620 स्टूडेंट्स ऐसे थे जिन्होंने 200 या उससे ज्यादा विकल्प भरे थे। प्रवेश समन्वयक प्रो. विनीत कंसल ने बताया कि पहला राउंड होने के कारण काफी विद्यार्थियों को उनकी पहली पसंद की सीट मिली है। अब विद्यार्थियों को उनकी विलिंगनेस देनी है।