लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में शुक्रवार को कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने कर्मयोगी छात्रवृत्ति के 32 चयनितों को प्रमाणपत्र दिए। ये विद्यार्थी हर कार्य दिवस पर पढ़ाई के साथ विवि के कार्यालयों में दो घंटे सेवाएं देंगे। इसके लिए उन्हें 150 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से विवि पारिश्रमिक देगा, जो अधिकतम 50 घंटे के लिए होगा।
प्रवक्ता प्रो. दुर्गेश श्रीवास्तव ने बताया कि विश्वविद्यालय हर साल मेधावी विद्यार्थियों को यह छात्रवृत्ति देता है। ये वे विद्यार्थी होते हैं, जो आर्थिक तौर पर कमजोर होते हैं। विश्वविद्यालय इन्हें काम के अनुभव के साथ पारिश्रमिक देता है, जिससे वे आसानी से शिक्षा पूरी कर सके। हर साल शोध मेधा, छात्रकल्याण छात्रवृत्ति के साथ इसके लिए आवेदन लिए जाते हैं। यह छात्रवृत्ति पाने की पहली शर्त यह है कि विद्यार्थी किसी अन्य छात्रवृत्ति का लाभ न ले रहा हो।