वित्तीय रूप से कमजोर मंडी समितियों की सूरत संवारने के लिए 32 करोड़ के कामों को मंजूरी मिली है।
इनसे प्रदेश की 17 मंडी समितियों के लिए संपर्क मार्गों की 23 परियोजनाओं का काम कराया जाएगा, ताकि किसानों और मंडी समितियों से जुड़े व्यवसायियों को बेहतर मौके मिलें।
कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक रंजन ने मंगलवार को केंद्रीय मंडी निधि (सेस) की बैठक के दौरान इन परियोजनाओं को मंजूरी दी। कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक रंजन ने बताया कि प्रस्तावित सभी कार्य संपर्क मार्गों के हैं। सभी काम एक करोड़ से ऊपर के हैं।
मंडी नियमावली के नियम 128-सी के प्रावधानों का प्रयोग करते हुए वित्तीय रूप से कमजोर 17 मंडियों के 23 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।
इनमें बहराइच, कुरारा (हमीरपुर), सैदपुर (गाजीपुर), इटावा, जसवंत नगर (इटावा), कन्नौज, बेवर (मैनपुरी), मैनपुरी, शिकोहाबाद, सिरसागंज, फीरोजाबाद, मुरादाबाद, बहजोई, संभल, दिबियापुर (औरैया), उझानी (बदायूं) और आवागढ़ (फीरोजाबाद) मंडियां शामिल हैं।
इन प्रस्तावों के तहत 66.16 किमी सड़कों का निर्माण होगा।