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डॉक्टर की लापरवाही से महिला को हुआ सेप्टिक

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डॉक्टर की लापरवाही से महिला को हुआ सेप्टिक
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सुल्तानपुर। जिला अस्पताल में चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी हो गई है। अभी ट्रेन की चपेट में आए व्यक्ति का कटा पंजा उसके दोनों पैर के बीच रखने का मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि बृहस्पतिवार को एक और लापरवाही सामने आ गई।

तीन सप्ताह पूर्व मधुमक्खी के हमले में घायल महिला को ऑपरेशन के बाद डॉक्टर ने दोबारा देखने की जहमत तक नहीं उठाई। महिला के टांके खुल गए तो स्वास्थ्य कर्मी ने बेड पर ही दोबारा टांके लगा दिए। डॉक्टर की लापरवाही से महिला को सेप्टिक हो गया है। उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
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धम्मौर थाना क्षेत्र के त्रिलोकपुर निवासी रामराज मौर्य की पत्नी धनपती (45) पर चार मार्च को खेत में मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया था। मधुमक्खियों के हमले में घायल धनपती को परिवारीजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।

जहां 10 मार्च को डॉक्टर ने धनपती के पीठ का ऑपरेशन कर मधुमक्खी के डंक निकाले थे। 10 मार्च को धनपती को जिला अस्पताल के आपदा प्रबंधन वार्ड में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर ने ऑपरेशन के बाद धनपती को दोबारा देखने की जहमत नहीं उठाई।

इस बीच धनपती के ऑपरेशन के टांके खुल गए। परिवारीजन डॉक्टर से धनपती को एक बार देख लेने की मिन्नत करते रहे मगर वह खुद नहीं गए। बल्कि एक स्वास्थ्य कर्मी को देखने के लिए भेज दिया।

लापरवाही का आलम ये रहा कि स्वास्थ्य कर्मी ने धनपती के पीठ के खुले टांके दोबारा बेड पर ही लगा दिए। धनपती के घाव की ठीक से ड्रेसिंग भी नहीं की गई, जिसकी वजह से उन्हें सेप्टिक हो गया।

धनपती के पति रामराज ने इसकी शिकायत सीएमएस डॉ. योगेंद्र यति से कई बार की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में धनपती जिला अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है।
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सीएमओ डॉ. चंद्रभूषण नाथ त्रिपाठी का कहना है कि, मामला संज्ञान में नहीं है। सीएमएस को महिला को देखने का निर्देश देंगे। डॉक्टर और स्टाफ की लापरवाही की जांच होगी। यदि महिला को चिकित्सीय सुविधा नहीं मिलती है तो परिवारीजन सूचना दे सकते हैं। तत्काल मदद मिलेगी।
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