केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में लगी भीषण आग हादसे में 300 मरीजों को सही सलामत बचा लिया गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले पर संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए और तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है।
बता दें कि केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में शनिवार शाम करीब 7 बजे अचानक आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि उसने तीसरे फ्लोर को भी चपेट में ले लिया। हादसे में ट्रॉमा में भर्ती मरीजों के परिवारीजनों ने सात की मौत का दावा किया है।
आग की भयावहता का इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसे बुझाने के लिए 30 दमकलों ने ढाई घंटे की मशक्कत के बाद इस पर काबू पा लिया।
जांच के आदेश, 3 दिन में रिपोर्ट तलब
आग पर काबू पाने की कोशिश में दमकलकर्मी
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मुख्यमंत्री ने घटना को दुखद बताते हुए लखनऊ के मंडलायुक्त को इसकी जांच कर 3 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, इसके लिए दोषी व्यक्तियों का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाए, जिससे उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। साथ ही घटना की पुनरावृत्ति न होने देने के लिए भी संस्तुतियां दी जाएं।
...और जुट गए मरीजों को निकालने में
एसएसपी दीपक कुमार केमुताबिक डिजास्टर वार्ड के स्टोर में शॉर्ट सर्किट से आग लगी। स्टोर में चादरें, कपड़े, गद्दे और ऑक्सीजन सिलेंडर के अलावा स्टेशनरी के सामान रखे गए थे। सर्किट की चिंगारी कपड़े पर गिरी होगी जिससे आग बढ़ गई।
गद्दे रैक्सीन के होने के कारण आग बढ़ गई। महज पांच मिनट में ही आग ने भीषण रूप धारण कर लिया। केजीएमयू कर्मचारियों ने फायर फाइटिंग सिस्टम शुरू कर दिया हालांकि वे ज्यादा देर तक आग केसामने नहीं टिक सके।