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Lucknow News: अवध बार एसोसिएशन में महिलाओं को 30 फीसदी आरक्षण

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लखनऊ । हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने अवध बार एसोसिएशन की गवर्निंग/एग्जीक्यूटिव काउंसिल में महिलाओं के लिए 30 फीसदी आरक्षण का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि एसोसिएशन के 22 पदों में से कम से कम सात पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे। राजन रॉय और मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने शुक्रवार को दो जनहित याचिकाओं पर यह आदेश पारित किया।
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अवध बार पदाधिकारियों के चुनाव में महिला अधिवक्ताओं के आरक्षण का मुद्दा उठाया गया था। न्यायालय ने 2026 के चुनाव के लिए जूनियर एग्जीक्यूटिव के छह में से दो, सीनियर एग्जीक्यूटिव के छह में से दो, तीन संयुक्त सचिव पदों में से एक, कोषाध्यक्ष और 20 वर्ष की प्रैक्टिस वाले वरिष्ठ उपाध्यक्ष का पद महिलाओं के लिए आरक्षित किया है।
महासचिव का पद 2027 में, 10 वर्ष की प्रैक्टिस वाले दो उपाध्यक्ष पदों में से एक 2027 में और 10 वर्ष से कम प्रैक्टिस वाले उपाध्यक्ष का पद 2028 में महिलाओं के लिए आरक्षित होगा। वहीं अध्यक्ष का पद 2028 में महिला उम्मीदवार के लिए आरक्षित किया जाएगा। इसके बाद इन पदों पर तय रोटेशन के अनुसार आरक्षण लागू रहेगा।
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न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश के अनुरूप है जिसमें सभी बार एसोसिएशनों में महिलाओं को कम से कम 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने को कहा गया है। महिला उम्मीदवार उपलब्ध न होने पर आरक्षित पद भरा जाएगा। हाईकोर्ट के लखनऊ स्थित वरिष्ठ न्यायाधीश महिला उम्मीदवार को नामित करके यह पद भरेंगे।
हाईकोर्ट ने बार एसोसिएशन चुनाव के लिए एक और महत्वपूर्ण निर्देश दिया। उम्मीदवारों को नामांकन पत्र में अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर या आपराधिक मामलों की जानकारी देनी है। उन्हें मामले के लंबित होने, बरी होने या दोषसिद्धि की स्थिति भी बतानी है। जानकारी छिपाने या गलत विवरण देने पर उम्मीदवारी या चुनाव रद्द होगा।


2026 के चुनाव के लिए जूनियर एग्जीक्यूटिव के छह में से दो पद आरक्षित हैं। सीनियर एग्जीक्यूटिव के छह में से दो पद भी महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। तीन संयुक्त सचिव पदों में से एक और कोषाध्यक्ष पद 2026 में आरक्षित है। 20 वर्ष की प्रैक्टिस वाले वरिष्ठ उपाध्यक्ष का पद भी 2026 में महिलाओं के लिए आरक्षित है। महासचिव का पद 2027 में महिला उम्मीदवार के लिए आरक्षित है। 10 वर्ष की प्रैक्टिस वाले दो उपाध्यक्ष पदों में से एक भी 2027 में आरक्षित है। 10 वर्ष से कम प्रैक्टिस वाले उपाध्यक्ष और अध्यक्ष का पद 2028 में महिलाओं के लिए आरक्षित है। इसके बाद इन पदों पर तय रोटेशन के अनुसार आरक्षण लागू होगा।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन
यह व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुरूप है, न्यायालय ने स्पष्ट किया। सुप्रीम कोर्ट ने सभी बार एसोसिएशनों में महिलाओं को कम से कम 30 फीसदी प्रतिनिधित्व देने को कहा था। महिला उम्मीदवार उपलब्ध न होने पर आरक्षित पद भरा जाएगा। हाईकोर्ट के लखनऊ स्थित वरिष्ठ न्यायाधीश महिला उम्मीदवार को नामित करके यह पद भरेंगे।

आपराधिक मामलों की जानकारी अनिवार्य
हाईकोर्ट ने बार एसोसिएशन चुनाव के लिए एक और महत्वपूर्ण निर्देश दिया। उम्मीदवारों को नामांकन पत्र में अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर या आपराधिक मामलों की जानकारी देनी है। उन्हें मामले के लंबित होने, बरी होने या दोषसिद्धि की स्थिति भी बतानी है। जानकारी छिपाने या गलत विवरण देने पर उम्मीदवारी या चुनाव रद्द होगा।
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