लखनऊ। जालसाजों ने जानकीपुरम निवासी रिटायर्ड जज अंचल द्विवेदी से फंडिंग केनाम पर 30 लाख रुपये ठग लिए। रिटायर्ड जज का आरोप है कि सोशल मीडिया के माध्यम से जालसाजों से पहचान हुई थी। बताया गया था कि व्यवसाय के लिए 50 करोड़ की फंडिंग पर 38 लाख रुपये का खर्चा आएगा। इसकेबाद उन्होंने जालसाजों के खाते में करीब 30 लाख रुपये डाल दिए। कुछ दिनों बाद ठगी का अहसास होने पर स्थानीय थाने में रांची निवासी अशोक मिश्रा, प्रेम सिहांनिया, अहमदाबाद निवासी कार्तिंक पटेल, अविनाश पटेल नरेंद्र महेता, परेश पटेल और दीप काली दास पटेल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
रिटायर्ड जज अंचल द्विवेदी केमुताबिक उनके रायबरेली निवासी पुष्पेंद्र सिंह दोस्त ने कहा कि एक बिजनेस किया जाता है। उसकेलिए दोनों को फंडिंग की जरुरत थी। उसी दौरान सोशल मीडिया केमाध्यम से रांची निवासी प्रेम सिहांनिया और अशोक मिश्रा से बात हुई थी। बातों ही बातों में फंडिंग केलिए बात हुई। दोनों ने अहमदाबाद आने के लिए कहा। इसकेबाद अंचल और पुष्पेंद्र दोनों पहुंच गए। वहां अशोक और प्रेम समेत अहमदाबाद निवासी कार्तिंक पटेल,अविनाश पटेल नरेंद्र महेता, परेश पटेल और दीप काली दास पटेल पहले से एक निजी होटल में मौजूद थे। जहां 50 करोड़ रुपये फंडिंग करने के लिए कहा। इस पर 38 लाख रुपये खर्चा होने की बात कही। तो दोनों लोग मान गए।
दोनों लोग लखनऊ वापस लौट आए और कुछ दिनों बाद खाते केमाध्यम से करीब 30 लाख रुपये भेज दिया। कई दिन बीत जाने की फंडिंग केरुपए की बात की गई तो टाल दिया। उसके बाद से सभी के फोन बंद आने लगा। इसके बाद अंचल ने जानकीपुरम थाने में रांची निवासी अशोक मिश्रा,प्रेम सिहांनिया, अहमदाबाद निवासी कार्तिंक पटेल,अविनाश पटेल नरेंद्र महेता,परेश पटेल और दीप काली दास पटेल के खिलाफ तहरीर दिया। जानकीपुरम थाना प्रभारी निरीक्षक केमुताबिक अंचल द्विवेदी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है।