गुजर रहे साल का अंतिम दिन और नव वर्ष का पहला दिन यादगार बनाना चाह रहे पर्यटकों के लिए उत्तर प्रदेश नई डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। तीन लाख से अधिक पर्यटक साल का आखिरी दिन मनाने यूपी पहुंच रहे हैं। प्रमुख औद्योगिक संगठन एसोचैम की रिपोर्ट के अनुसार इनमें भारतीय और विदेशी दोनों तरह के पर्यटक शामिल हैं।
एसोचैम ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि देश में उत्तरी, मध्य और तटीय स्थानों पर होने वाले आयोजनों में 15 लाख से अधिक लोग जुटेंगे। सोशल डवलपमेंट फाउंडेशन द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट के अनुसार इनमें से 20 प्रतिशत पर्यटक उप्र के पर्यटन स्थलों परआएंगे।
वहीं, बीते वर्ष के मुकाबले भारतीय पर्यटकों की संख्या में 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की जाएगी। ये लोग नववर्ष मनाने घर से दूर की जगहों पर पहुंच रहे हैं।
एसोचैम के महासचिव डीएस रावत के मुताबिक यह कदम कारोबार बढ़ाने में मददगार साबित होगा। इस रिपोर्ट को देश के 500 से अधिक नियमित पर्यटकों और विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। टूर ऑपरेटर्स से भी इसके लिए बात की गई।
इन कारणों से यूपी बना पर्यटकों की पहली पसंद
दुनिया में विभिन्न जगहों पर आतंकी हमलों की वजह से विदेशी पर्यटकों की संख्या पर असर पड़ सकता है। एसोचैम के अनुसार हमले हर जगह हो रहे हैं, इसलिए पर्यटन उद्योग प्रभावित हो रहा है।
हालांकि, घरेलू पर्यटकों की वजह से पर्यटन सेक्टर को बहुत नुकसान नहीं होगा। घरेलू पर्यटक महंगाई, बढ़ते यात्रा खर्च, होटल की ऊंची दरों आदि के कारण भारतीय पर्यटन स्थलों का रुख कर रहे हैं। दक्षिण भारत में भारी बारिश से तबाही के कारण भी लोग उत्तर भारत को तवज्जो दे रहे हैं।
सुरक्षित और अफोर्डेबल है यूपी
उप्र आना चाह रहे पर्यटकों ने बताया कि वे यहां आगरा, फतेहपुर सीकरी, इलाहाबाद, अयोध्या, मथुरा-वृंदावन, वाराणसी-सारनाथ और लखनऊ घूमना चाहते हैं। इसकी प्रमुख वजह यह है कि देश में ये जगहें ज्यादा सुरक्षित हैं। साथ ही यहां कम खर्च में भ्रमण किया जा सकता है।
बेहतर करनी होगी एअर कनेक्टिविटी
एसोचैम के अनुसार उप्र को अपनी क्षमताओं से भरे पर्यटन उद्योग को और तेजी से चमकाने के लिए अपने प्रमुख शहरों से देश के अन्य बड़े शहरों के लिए हवाई संपर्क बेहतर बनाना होगा। वहीं, ऐतिहासिक स्थलों के विकास, तीर्थ स्थलों पर बेहतर प्रबंधन और देश-विदेश में अपने पर्यटन स्थलों का बेहतर प्रचार-प्रसार करने की भी जरूरत है।