लखनऊ विकास प्राधिकरण से दो अधिशासी अभियंताओं से सहित पांच अभियंताओं को
कार्यमुक्त कर दिया गया।
इनमें दो अधिशासी अभियंताओं और एक सहायक अभियंता
का तबादला कार्य में ढिलाई की शिकायत पर किया गया है।
हाल ही शासन ने एलडीए
के पांच अभियंताओं का तबादला कर दिया था। इसके बाद ये अभियंता तबादला
रुकवाने के लिए जोड़-तोड़ में लगे थे।
पढ़ें- वाणिज्यकर विभाग के 14 अफसर बदले
तबादला
होने के बाद जिन अभियंताओं को एलडीए से कार्यमुक्त किया गया है, उनमें
अधिशासी अभियंता सुबोध राय, पीसी पाण्डे, सहायक अभियंता बसंत लाल, एके सिंह
व अवर अभियंता एके सिंह शामिल हैं।
जानकारों का कहना है कि अधिशासी
अभियंता सुबोध राय को जानकीपुरम में भूखंड आवंटन घोटाले की सीबीआई जांच के
बाद भी कार्रवाई में ढिलाई बरतने के लिए हटाया गया।
पीसी पाण्डे चक गंजरिया में जमीन
अधिग्रहण को लेकर उपजे विवाद और सहायक अभियंता एके सिंह को अवैध निर्माण के
खिलाफ ढिलाई बरतने पर नपे।
पढ़ें- रवायत बन गई एलडीए की जनता अदालत
मालूम हो
कि वर्ष 2004 में सामने आए जानकीपुरम भूखंड घोटाले की जांच में यह पाया
गया है कि भूखंडों की रजिस्ट्री तय कीमत से काफी कम पर की गई। इससे
प्राधिकरण को भारी वित्तीय नुकसान हुआ।
मामला पकड़ में आने तक काफी आवंटी
भूखंड दूसरों को बेचकर निकल गए। तमाम ऐसे भी भूखंड हैं जिनको कई-कई बार
बेचा गया है। जांच में के बाद से ऐसे भूखंडों के नामांतरण एलडीए ने रोक दिए
हैं।