मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय पूरे देश की तुलना में सबसे अधिक थी। लेकिन, बाद में प्रदेश सबसे पीछे हो गया। कारण स्पष्ट है, लघु एवं मध्यम उद्योगों को तबाह किया गया। प्रदेश के हर जिले में एक उद्योग था, जिसमें उसकी महारथ थी।
2017 में सत्ता में आने के बाद भाजपा ने परंपरागत उद्योगों को गति दी। मैपिंग में पता लगा कि 75 में से 57 जिलों के अपने उत्पाद हैं। वहां के लोगों ने अपने दम पर उद्योगों के कलस्टर बनाकर रक्षा की है। यहां के उद्यमी बेयर हाउस, कोल्ड स्टोरेज बनाकर इस क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।
ओडीओपी के तहत विश्व में जाता है सामान
ओडीओपी के तहत अब पीलीभीत से बांसुरी, अमरोहा से ढोलक, मेरठ से स्पोर्ट्स सामान पूरे विश्व में जाता है। ओडीओपी से प्रदेश की एक्सपोर्ट क्षमता इस साल 28 प्रतिशत बढ़ी है, जिसमें 80 फीसदी हिस्सा केवल एक जिला एक उत्पाद का है। एमएसएमई एप से हम लोगों की समस्याओं का समाधान भी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में जब सरकार ने पहला दीपोत्सव किया तब 51000 दीप पूरे प्रदेश से मंगाने पड़े। लेकिन, माटी कला बोर्ड ने कुम्हारों को बिजली चालित चाक दिए तो पिछले दीपोत्सव में केवल अयोध्या से ही 5.51 लाख दीपक सरकार को मिल गए। यह आत्मनिर्भर प्रदेश की एक झलक है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने एमएसएमई सेक्टर से जुडे़ उद्यमियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि सरकार की कुशल नीतियों व उद्यमियों के परिश्रम से एमएसएमई सेक्टर देश व प्रदेश की अर्थव्यवस्था के बेहद जीवंत व गतिशील क्षेत्र के रूप में उभरा है। पीएम मोदी व सीएम योगी ने ऐसे कई निर्णय लिए जिनसे एमएसएमई को मजबूती मिलेगी।
एमएसएमई सेक्टर में कम पूंजी लागत पर बड़ी संख्या में रोजगार सृजित करता है, ग्रामीण और पिछडे़ क्षेत्रों के औद्योगिकीकरण में मदद करता है। पीएम मोदी ने 20 लाख करोड़ के आत्मनिर्भर भारत पैकेज की ऐतिहासिक घोषणा की। सीएम योगी ने युवाओं का भविष्य संवारने के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की स्थापना में यूपी ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
प्रदेश में 90 लाख एमएसएमई इकाइयां
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने रैली का प्रस्तावना रखते हुए कहा कि प्रदेश में 90 लाख एमएसएमई इकाइयां हैं। ये पूरे देश की तुलना में 14.2 प्रतिशत हैं। मुख्यमंत्री की इच्छा है कि प्रदेश एमएसएमई का हब बने। उनकी इस इच्छा के अनुरूप प्रदेश आगे बढ़ रहा है। रैली का संचालन उपाध्यक्ष जेपीएस राठौर ने किया।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, निवेश एवं निर्यात प्रोत्साहन मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने विश्व पटल पर निवेश की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया है। जीडीपी बढ़ाने के लिए कंसल्टेंट की नियुक्ति के लिए टेंडर जारी किया गया है। अब प्रदेश में देशी-विदेशी निवेशक निवेश के लिए इच्छुक नजर आ रहे हैं।
सिद्धार्थ नाथ ने यह जानकारी सीआईआई के तत्वावधान में होरासिस की ओर से आयोजित ऑनलाइन शिखर सम्मेलन में दी। इसका शुभारंभ रेलवे एवं कामर्स मंत्री पीयूष गोयल ने किया। पैनेल डिस्कसन में 44 देशों के प्रतिनिधि शामिल थे।
होरासिस अंतरराष्ट्रीय इकोनॉमिक फोरम है, जो सार्वजनिक और निजी संस्थाओं को रणनीतिक टिप्स देता है। इसमें उद्यमियों और सरकार के प्रमुख सहित सार्वजनिक हस्तियां शामिल हैं।
सिद्धार्थ नाथ ने कहा कि इस तरह के आयोजन से प्रदेश की पूरे विश्व में ब्रांडिंग होगी और इससे निवेश लाने में आसानी होगी। उत्तर प्रदेश को मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाने का कार्य किया जा रहा है। बिवदे के प्रबंध निदेशक परमशिव श्रीनिवासन ने उत्तर प्रदेश में सकल घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी चाही।
इस पर मंत्री ने कहा कि जीडीपी को बढ़ाने के लिए कंसल्टेंट की नियुक्ति के लिए टेंडर जारी किया गया है। इसके अलावा सकल घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए कई तरह के रिफॉर्म लागू किए गए हैं। अवस्थापना सुविधाओं को मजबूत बनाया गया है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड, पूर्वांचल, गंगा एक्सप्रेस-वे और जेवर एयरपोर्ट के निर्माण से औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
अउरा ग्रुप के चेयरमैन एंड सीईओ नीरज शरन ने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश में नई टेक्नालॉजी लाई जाय, तो क्या यूपी इसको अपनाने को तैयार है? जवाब में सिंह ने कहा कि कोविड-19 महामारी आने के पहले प्रदेश में सैनिटाइजर और पीपीई किट आदि का निर्माण नहीं होता था, लेकिन प्रदेश सरकार की पहल पर सैनिटाइजर बनाने की 99 नई यूनिट चालू हुईं।
पीपीई किट बनाने वाली 53 इकाई पूरी क्षमता के साथ उत्पादन कर रही हैं। खादी एवं ग्रामोद्योग के माध्यम से 50 करोड़ मास्क बनाने का कार्य कराया जा रहा है। निवेश प्रोत्साहन मंत्री ने एएसएम ग्रुप के चेयरमैन संदीप के प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि प्रदेश को 10 खराब डॉलर इकोनॉमी बनाने के लिए कौशल विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है। उन्होंने उद्यमियों का आह्वान किया कि वे उत्तर प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश करें। सरकार हर तरह से सहयोग व मदद देगी।