सरकार द्वारा अक्षम अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दिए जाने के फैसले के तहत वाणिज्यकर विभाग में भी ऐसे अधिकारियों की सूची तैयार करने का काम शुरू हो गया है। फिलहाल डिप्टी कमिश्नर स्तर के करीब 28 अधिकारियों की सूची तैयार हो चुकी है और अन्य संवर्ग के कार्मिकों की सूची तैयार हो रही है।
मुख्यालय द्वारा जोन स्तर से सभी अधिकारियों का एसीआर और कार्य का विवरण मांगा गया है जिसके आधार पर अधिकारियों की स्क्रीनिंग की जल्द की जाएगी। हालांकि यह ब्यौरा डीपीसी व सेवा संबंधी लाभ दिए जाने के नाम पर मांगा गया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इनमें से कई अधिकारियों के कार्यों व वार्षिक प्रतिवेदन प्रविष्टि के आधार पर उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति भी दी जा सकती है।
दरअसल सरकार के फैसले के मुताबिक हर साल ऐसे सरकारी कार्मिकों को चिह्नित किया जाता है, जिनका काम व छवि संतोषजनक नहीं है। ऐसे अधिकारियों की स्क्रीनिंग करके उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी जाती है। इसी कड़ी में वाणिज्यकर विभाग में भी इस वित्तीय वर्ष में स्क्रीनिंग किया जाना है। इसके लिए मुख्यालय द्वारा फील्ड में तैनात अधिकारियों की वार्षिक प्रविष्टि और कार्य विवरण का ब्यौरा जुटाया जा रहा है।
हालांकि जुलाई से अधिकारियों की ब्यौरा जुटाने का काम शुरू हुआ है, लेकिन तमाम अधिकारियों ने अब तक अपना ब्यौरा मुख्यालय को नहीं उपलब्ध कराया है। अब तक जिन 28 डिप्टी कमिश्नरों को स्क्रीनिंग में शामिल किया गया है उनमें से 23 अधिकारियों का एसीआर और कार्य विवरण मुख्यालय नहीं पहुंचा है। इस पर मुख्यालय ने सभी संबंधित जोन के एडिशनल कमिश्नरों को तत्काल ब्यौरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। ह
जल्द होगी स्कीनिंग संबंधी बैठक
विभागीय सूत्रों के मुताबिक अक्षम अधिकारियों के चिह्नित करने के लिए जल्द ही कार्मिकों की स्क्रीनिंग के लिए बैठक होने वाली है। जैसे ही सभी संवर्ग के चिह्नित अधिकारियों व अन्य कर्मचारियों के कार्य विवरण और सेवा संबंधी ब्यौरा मुख्यालय को उपलब्ध होगा, उसके बात स्क्रीनिंग के लिए उच्चाधिकारियों की बैठक होगी।