इसी तर्ज पर प्रदेश के सभी ऐसे बाल सुधार गृहों को किशोर बाल सुधार में तब्दील किया जाएगा, जिसमें किशोरियों की संख्या काफी कम है। महिला कल्याण विभाग द्वारा अप्रैल-2017 से मार्च-2018 के बीच तैयार की गई रिपोर्ट के मुताबिक, कई जिलों के बाल सुधार गृह (किशोर) में क्षमता से काफी कम किशोरी संवासिनियों को रखा जा रहा है।
गोरखपुर स्थित बाल सुधार गृह में निर्धारित क्षमता 50 के स्थान पर 164 किशोर संवासिनियों को रखा गया है, जबकि मिर्जापुर, मुरादाबाद, बाराबंकी और गाजियाबाद स्थित बाल सुधार गृहों (किशोरी) में नाम मात्र की ही महिला संवासिनियां रह गई हैं।
इन किशोरी बाल गृहों को किया गया चिह्नित
बाराबंकी में 17, मिर्जापुर में 10 और गाजियाबाद के बाल सुधार गृह (किशोरी) में मात्र 9 महिला संवासिनियां ही रह रही हैं। इसी तरह इलाहाबाद, आगरा, मथुरा, हरदोई, बरेली, मुरादाबाद, वाराणसी, मऊ, बस्ती, प्रयागराज आदि जिलों में अब किशोर संवासिनियों को रखा जाएगा।
महिला कल्याण विभाग की ओर से सभी जिलों के अधिकारियों को इस संबंध में दिशा-निर्देश भेज दिया गया है।