लखनऊ। खाद्य विभाग से सेवानिवृत्त बाबू रमाशंकर त्रिवेदी को डिजिटल अरेस्ट कर उनसे वसूले गए 27 लाख रुपये सात राज्यों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए थे। साइबर क्राइम थाने के इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार यादव ने बताया कि उन्होंने सात लाख रुपये फ्रीज करा दिए हैं।
जानकीपुरम सेक्टर-एफ निवासी रमाशंकर त्रिवेदी के पास सात नवंबर को दोपहर करीब दो बजे व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल आई थी। जालसाजों ने खुद को एटीएस अधिकारी बताते हुए रमाशंकर को पहलगाम आतंकी हमले की साजिश में शामिल होने का आरोपी बताया था। ठगों ने कहा था कि हमले के लिए आतंकी संगठन ने 70 करोड़ की फंडिंग की थी। इसमें से रमाशंकर के खाते में 10 फीसदी कमीशन के 70 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। इतना ही नहीं उन पर देशद्रोह का आरोप लगाते हुए जेल भेजने की धमकी दी थी। इस तरह जालसाजों ने पूछताछ के बहाने उन्हें सात दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर लिया था। फिर जांच करने के बहाने रमाशंकर के सभी बैंक खातों की जानकारी ले ली थी। फिर उन्हीं से 27 लाख रुपये सात बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए थे।
इंस्पेक्टर ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई थी। जांच में पता चला कि रमाशंकर ने जिन सात बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई थी वह पश्चिम बंगाल, झारखंड, मुंबई, गुजरात, छत्तीसगढ़, आडिशा, गुजरात और आंध्र प्रदेश में खोले गए थे। पुलिस ने संबंधित कुछ बैंकों से संपर्क कर सात लाख रुपये फ्रीज करा दिए हैं। बची रकम के लिए भी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही जिस नंबर से रमाशंकर को कॉल आई थी उसे भी ट्रेस किया जा रहा है।