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विश्व के मुख्य न्यायाधीशों का सम्मेलन: CM योगी बोले- न्याय नागरिक की सुरक्षा व उन्नत भविष्य का आधार बनना चाहिए

Fri, 21 Nov 2025 11:30 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

राजधानी में विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के 26वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुए। आगे पढ़ें पूरा अपडेट...
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विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के सम्मेलन को सीएम योगी ने संबोधित किया। - फोटो : UP Govt YT Channel
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विस्तार
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राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के 26वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत में बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का मन मोह लिया।

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इस मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत हजारों वर्षों से दुनिया को एक परिवार मानता रहा है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि दुनिया की वास्तविक समस्या एक-दूसरे के साथ डायलॉग को बाधित करना है। यह सम्मेलन एक-दूसरे के साथ डायलॉग का साधन है। कुछ समय पहले यूएन ने दुनिया के सामने 16 गोल रखे थे। उसमें शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।

वर्चस्व को लेकर एक-दूसरे की संप्रभुता हड़पने की होड़

उन्होंने कहा कि शिक्षा में इस बात का ध्यान रखना होगा कि बच्चे बस्ते के बोझ से बोझिल न हों। दुनिया में जहां अशांति और अराजकता है। जहां वर्चस्व को लेकर एक-दूसरे की संप्रभुता को हड़पने की होड़ हो, वहां पर शिक्षा, विकास, स्वास्थ्य की बात अपने आप में एक बेमानी सी दिखती है। इसके लेकर हम सभी को यह सोचना चाहिए कि किस स्तर तक की व्यवस्था किए जाने की आवश्यकता है। हम भी उसमें सहभागी बन सकते हैं। 

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मुख्य न्यायाधीशों के सम्मेलन में सीएम योगी। - फोटो : UP Govt YT Channel
सीएम ने आगे कहा कि हम अक्सर इस बात को देखते हैं कि जलवायु परिवर्तन और उससे उत्पन्न होने वाले संकट भी हमारे सामने एक नई चुनौती हैं। साइबर क्राइम, डाटा चोरी जैसी समस्या भी हमारे सामने खड़ी है। ऐसी स्थिति में न्याय, नैतिकता और अतंरराष्ट्रीय कानून, विश्व शांति और मानव सभ्यता के लिए एक बड़ी लकीर खींचने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर सकते हैं। 

वैश्विक आतंकवाद जैसे मुद्दों पर मुखर होकर बोलना चाहिए

उन्होंने कहा कि यूएन ने 80 वर्ष पहले कहा था कि दुनिया को अधिक न्यायपूर्ण, समावेशी और जवाबदेह वैश्विक प्रणाली की आवश्यकता है। इस पर आज सोचने की जरूरत है। साइबर क्राइम, अच्छे स्वास्थ्य और वैश्विक आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भी मुखर होकर यूएन जैसे प्लेटफार्म का उपयोग करना चाहिए। इसके लिए भारत की उस प्राचीन व्यवस्था पर जरूर ध्यान देना चाहिए, जिस पर हमने पांच अवयव पृथ्वी, जल, आकाश, अग्नि, वायु की उपासना का आधार मान करके इनकी सुरक्षा, सरंक्षण को सदैव प्राथमिकता दी। 

न्याय मानवता की समस्या के समाधान का रास्ता निकाले

अपने संबोधन में सीएम ने कहा कि आज जब दुनियाभर के न्यायविद एक जगह एकत्र हुए हैं, तो न्याय मानवता की समस्या के समाधान का रास्ता कैसे निकाल सकता है, इस कांफ्रेंस के माध्यम से दुनियाभर में यह संदेश देने की आवश्यकता है। न्याय न केवल समता का बल्कि प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा, स्वावलंबन और उनके उन्नत भविष्य का आधार बनना चाहिए।
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