मुख्य न्यायाधीशों के सम्मेलन में सीएम योगी।
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सीएम ने आगे कहा कि हम अक्सर इस बात को देखते हैं कि जलवायु परिवर्तन और उससे उत्पन्न होने वाले संकट भी हमारे सामने एक नई चुनौती हैं। साइबर क्राइम, डाटा चोरी जैसी समस्या भी हमारे सामने खड़ी है। ऐसी स्थिति में न्याय, नैतिकता और अतंरराष्ट्रीय कानून, विश्व शांति और मानव सभ्यता के लिए एक बड़ी लकीर खींचने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर सकते हैं।
वैश्विक आतंकवाद जैसे मुद्दों पर मुखर होकर बोलना चाहिए
उन्होंने कहा कि यूएन ने 80 वर्ष पहले कहा था कि दुनिया को अधिक न्यायपूर्ण, समावेशी और जवाबदेह वैश्विक प्रणाली की आवश्यकता है। इस पर आज सोचने की जरूरत है। साइबर क्राइम, अच्छे स्वास्थ्य और वैश्विक आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भी मुखर होकर यूएन जैसे प्लेटफार्म का उपयोग करना चाहिए। इसके लिए भारत की उस प्राचीन व्यवस्था पर जरूर ध्यान देना चाहिए, जिस पर हमने पांच अवयव पृथ्वी, जल, आकाश, अग्नि, वायु की उपासना का आधार मान करके इनकी सुरक्षा, सरंक्षण को सदैव प्राथमिकता दी।
न्याय मानवता की समस्या के समाधान का रास्ता निकाले
अपने संबोधन में सीएम ने कहा कि आज जब दुनियाभर के न्यायविद एक जगह एकत्र हुए हैं, तो न्याय मानवता की समस्या के समाधान का रास्ता कैसे निकाल सकता है, इस कांफ्रेंस के माध्यम से दुनियाभर में यह संदेश देने की आवश्यकता है। न्याय न केवल समता का बल्कि प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा, स्वावलंबन और उनके उन्नत भविष्य का आधार बनना चाहिए।