लखनऊ। कैसरबाग डिपो में 2,662 लीटर डीजल सड़क पर बह गया। इस पर डीजल प्रभारी आरिफ हुसैन को निलंबित कर दिया गया है। करीब ढाई लाख रुपये के डीजल की बर्बादी के पीछे लापरवाही सामने आई है। हालांकि, परिवहन विभाग की यूनियनों ने इतनी बड़ी मात्रा में डीजल सड़क पर बहने के दावे पर सवाल उठाते हुए चोरी की आशंका जताई है।
मामला 12 अक्तूबर का है। कैसरबाग डिपो में वरिष्ठ लिपिक आरिफ हुसैन डीजल प्रभारी के पद पर तैनात थे। डिपो के टैंक में डीजल भरने के लिए टैंकर मंगाया गया था। आरोप है कि टैंक में पहले से डीजल मौजूद होने के बावजूद अनलोडिंग शुरू कर दी गई। इससे टैंक ओवरफ्लो हो गया और 2,662 लीटर डीजल जमीन पर बह गया।
मामले की जानकारी क्षेत्रीय प्रबंधक विमल राजन को मिली तो उन्होंने सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, कैसरबाग और आरएम वित्त से जांच कराई। जांच रिपोर्ट में आरिफ हुसैन पर लापरवाही समेत आठ आरोप सही पाए गए, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि डीजल की बर्बादी से हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
यूनियनों ने जताई डीजल चोरी की आशंका
परिवहन विभाग की यूनियनों के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि 2,662 लीटर डीजल सड़क पर बहा होता तो उसके निशान जरूर मिलते। उनका सवाल है कि इतनी बड़ी मात्रा में डीजल बहने के बावजूद मौके पर इसके कोई निशान क्यों नहीं मिले। पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि टैंकर से डीजल उतारते समय प्रभारी की मौजूदगी जरूरी थी, लेकिन वह मौके पर मौजूद नहीं थे। इसी आधार पर उन्होंने मामले में डीजल चोरी की आशंका जताई है।
प्रभारी ने ऑयल कॉर्पोरेशन के कर्मचारी पर डाला जिम्मा
जांच टीम के सामने आरिफ हुसैन ने दलील दी कि डिपो में 12-12 हजार लीटर क्षमता के दो टैंक हैं। पहले टैंक में डीजल भरा था, जबकि दूसरे टैंक में अनलोडिंग होनी थी। आरोप है कि ऑयल कॉर्पोरेशन के कर्मचारी ने गलती से पहले टैंक में डीजल उतार दिया, जिससे वह ओवरफ्लो होकर बह गया। हालांकि, जांच टीम ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। टीम का मानना था कि अनलोडिंग के दौरान प्रभारी को मौके पर रहकर प्रक्रिया सुनिश्चित करनी चाहिए थी। जांच में भी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की ओर से कोई लापरवाही सामने नहीं आई
80 हजार लीटर डीजल की रिकवरी भी लंबित
सूत्रों के मुताबिक, करीब तीन साल पहले आरिफ हुसैन अवध डिपो में तैनात थे। उस दौरान करीब 80 हजार लीटर डीजल के हेरफेर का मामला सामने आया था। इस मामले में उनसे डीजल की रिकवरी के निर्देश दिए गए थे, लेकिन यह रकम अब तक वसूल नहीं हो सकी है।
कैसरबाग डिपो।