पीडब्ल्यूडी में स्थानांतरण नीति से परे जाकर किए गए 26 अवर अभियंताओं के ट्रांसफर रद्द किए जाएंगे। इसे लेकर उच्चस्तर पर सहमति बन चुकी है। इसके तहत डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के पदाधिकारियों को उनकी पुरानी जगहों पर वापस भेजा जा सकता है। इसकी संघ भी मांग कर रहा था।
पीडब्ल्यूडी में स्थानांतरण में गड़बड़ियां सामने आने पर तत्कालीन विभागाध्यक्ष मनोज गुप्ता व प्रमुख अभियंता राकेश सक्सेना समेत 5 अधिकारियों व कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया था। बाद में हुई जांच में सामने आया कि नीति के अनुसार, 305 अवर अभियंता (सिविल) का स्थानांतरण हो सकता था। लेकिन, 331 अवर अभियंताओं को स्थानांतरित किया गया। नियमानुसार, तय मानक से अधिक संख्या में स्थानांतरण होने पर उच्चस्तर से अनुमति लिया जाना आवश्यक था, जोकि नहीं लिया गया।
मानक से अधिक 26 अवर अभियंताओं के ट्रांसफर रद्द करने के प्रस्ताव उच्चस्तर पर भेजे गए थे। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, तय हुआ है कि डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के जिन प्रांतीय या जिलास्तरीय पदाधिकारियों के ट्रांसफर किए गए हैं, उनका स्थानांतरण रद्द करते हुए उन्हें पूर्व के स्थानों पर ही वापस भेज दिया जाए। माना जा रहा है कि जल्द ही इस बारे में आदेश जारी कर दिया जाएगा।
मानक से अधिक एक्सईएन के तबादले हो सकते हैं ‘मान्य’
मानक से अधिक अधिशासी अभियंताओं के तबादलों पर जितना कोहराम मचा था, अगर सूत्रों की मानें तो उन तबादलों को ‘मान्य’ किए जाने पर विचार किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट में मानक से कुल 12 तबादले अधिक बताए गए थे।
उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि अब माना जा रहा है कि 30 जून के बाद अधिशासी अभियंताओं के पद पर प्रमोशन के कारण 20 प्रतिशत तक की सीमा तक स्थानांतरित किए जा सकने वाले अधिकारियों की कुल संख्या में वृद्धि हो गई थी। इस आधार पर निर्णय लिया जा रहा है।