लखनऊ। पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के वित्त एवं लेखा विभाग के पेंशन अनुभाग ने सोमवार को हजरतगंज स्थित डीआरएम कार्यालय में डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान का आयोजन किया। इस पहल के तहत, फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक पर कार्यशाला भी हुई, जिसमें 26 रेलवे पेंशनरों ने अपने जीवन प्रमाणपत्र बनवाए।
जनसंपर्क अधिकारी महेश कुमार गुप्ता ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाना था, ताकि वे आसानी से फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक का उपयोग कर सकें। इस अवसर पर मंडल वित्त प्रबंधक उमेश कुमार, सहायक कार्मिक अधिकारी आरके भारती और पूर्वोत्तर रेलवे पेंशनर एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष गोपाल तिवारी उपस्थित थे। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के अपर महाप्रबंधक रंजीत कुमार और उपमहाप्रबंधक अशोक कुमार ने भी रेलवे पेंशनरों को तकनीक की बारीकियां समझाईं।
मंडल वित्त प्रबंधक उमेश कुमार ने डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह तकनीक विशेष रूप से अशक्त और वृद्ध पेंशनरों के लिए अत्यंत उपयोगी है, क्योंकि इसके माध्यम से वे बैंक जाए बिना अपना जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं।
एसबीआई के अपर महाप्रबंधक रंजीत कुमार ने उपस्थित पेंशनरों को फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक का लाइव डेमो दिया। लेखा विभाग के कर्मचारियों ने इस तकनीक का उपयोग कर पेंशनरों के जीवन प्रमाणपत्र दर्ज किए। अब पेंशनर अपने स्मार्टफोन का उपयोग करके जीवन प्रमाण ऐप और आधार फेस आरडी एप्लिकेशन के माध्यम से घर बैठे, बैंक जाए बिना और पूरी तरह से पेपरलेस तरीके से जीवन प्रमाणपत्र ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।
शिविर में पहुंचे पेंशनर्स।
शिविर में पहुंचे पेंशनर्स।
शिविर में पहुंचे पेंशनर्स।
शिविर में पहुंचे पेंशनर्स।
शिविर में पहुंचे पेंशनर्स।
शिविर में पहुंचे पेंशनर्स।
शिविर में पहुंचे पेंशनर्स।
शिविर में पहुंचे पेंशनर्स।