उगते सूरज की लालिमा। कलकल बहती गंगा और अठखेलियां करतीं लहरें। घाटों पर डुबकी लगाते और सूर्य को अर्घ्य देते श्रद्धालु। मंदिरों में बजते शंख और घंटों की ध्वनियां।
‘सुबह-ए-बनारस’ की यह आभा दिखेगी दिल्ली की गणतंत्र दिवस परेड में। परेड में बनारस की थीम पर आधारित यही झांकी परेड को लीड करते हुए उत्तर प्रदेश का रुतबा बढ़ाएगी।
26 जनवरी को दिल्ली की गणतंत्र दिवस परेड में उत्तर प्रदेश की झांकी शामिल हो रही है। इस बार प्रदेश की झांकी ‘सुबह-ए-बनारस’ की थीम पर तैयार की गई है। इसमें बनारस की सुबह व गंगा घाटों का भव्य प्रस्तुतिकरण होगा।
झांकी की शुरुआत में भारत रत्न शहनाई वादक बिस्मिल्ला खां एवं दल के मॉडल लगाए गए हैं। अन्य मॉडलों में बनारस घराने के कथक की प्रस्तुतियां व अखाड़े में भिड़ते पहलवान देखने को मिलेंगे।
सूचना विभाग के अधिकारियों के अनुसार झांकी की थीम के लिए कई सुझाव आए थे। इसमें शाम-ए अवध, कुम्भ मेला, सुबह-ए-बनारस, कबीर दास, अमीर खुसरो थीम शामिल थी।
चयन समिति ने ‘सुबह-ए-बनारस’ को चुना। परेड में 11 राज्य शामिल हो रहे हैं, जिसको उत्तर प्रदेश की झांकी लीड करेगी। यानी सबसे आगे यूपी चलेगा, पीछे अन्य राज्य।
सात साल बाद मिला था मौकाकारण चाहे जो भी रहे हों, लेकिन लंबे अर्से तक उत्तर प्रदेश की झांकी को दिल्ली की गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने का मौका नहीं मिला। यह इंतजार गत वर्ष पूरा हुआ।
वर्ष 2013 में प्रदेश की झांकी ‘ब्रज की होली’ थीम पर निकाली गई। इसे काफी सराहा गया था। उससे पूर्व अंतिम बार जब प्रदेश परेड में शामिल हुआ था तो थीम ‘झांसी की रानी’ रखी गई थी।