मुख्य सचिव आलोक रंजन ने राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के तहत 26 निर्माणाधीन मॉडल राजकीय महाविद्यालयों के कार्यों को निर्धारित अवधि में पूरा करने के निर्देश दिए ताकि इनमें सत्र 2016-17 से शिक्षण कार्य शुरू हो सके।
मुख्य सचिव गुरुवार को अभियान की उच्चस्तरीय कमेटी की पहली बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने कहा, मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2014-15 के लिए प्रदेश को स्वीकृत 216 करोड़ रुपये में से प्रथम किस्त के रूप में 26 करोड़ रुपये विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं के लिए आवंटित कर दिए हैं। प्रत्येक महाविद्यालय के लिए 12 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर की गई है।
राज्य विश्वविद्यालयों की देश-विदेश में रैकिंग पर चर्चा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि उच्च शिक्षण संस्थानों की नैक ग्रेडिंग में सुधार के लिए अधिक प्रयास किए जाएं। 2015-16 के लिए नए प्रस्तावों को मानव संसाधन विकास मंत्रालय को तत्काल भेजें।
शिक्षकों के प्रशिक्षण की होगी व्यवस्था, इन जिलों में होंगे कॉलेज
अखिल भारतीय उच्चतर शिक्षा सर्वेक्षण कार्य को अनिवार्य करने पर गंभीरता से विचार हो।
राज्य विश्वविद्यालयों में क्रेडिट बेस चॉइस बेस सिस्टम, शैक्षणिक एवं प्रशासनिक सुधार के लिए मैनेजमेंट इनफार्मेशन सिस्टम, नेशनल नालेज नेटवर्क सिस्टम का ज्यादा उपयोग करने एवं शिक्षकों के प्रशिक्षण आदि की व्यवस्था कराई जाए।
यहां बनने हैं मॉडल कालेज
बलरामपुर, बांदा, बाराबंकी, बस्ती, बदायूं, बुलंदशहर, एटा, फतेहपुर, हमीरपुर, हरदोई, हाथरस, कुशीनगर, ललितपुर, महोबा, मुरादाबाद, पीलीभीत, रायबरेली, रामपुर, सहारनपुर, संतकबीरनगर, शाहजहांपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, सीतापुर, सोनभद्र तथा उन्नाव।