उन्होंने कहा कि अनेक राज्यों में कोविड संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हमें अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। रेलवे, सड़क मार्ग अथवा वायुमार्ग के प्रदेश में आने वाले लोगों की जांच कराई जाए। रेलवे स्टेशनों, बस स्टेशनों, हवाई अड्डों पर एंटीजन टेस्ट के लिए विशेष प्रबंध किए जाएं। संदिग्ध लक्षण वाले लोगों का आवश्यकतानुसार आरटीपीसीआर टेस्ट भी कराया जाए। पॉजिटिव पाए जा रहे लोगों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग भी कराई जाए।
वयस्क लोगों के लिए मेडिकल किट वितरण जारी है और अब 27 जून से बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से घर-घर मेडिकल किट वितरण किया जाएगा। जिलों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से निगरानी समितियों को दवाइयों का पैकेट दिलाया जाए। लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
कोरोना काल की विषम परिस्थितियों के बावजूद भी इस वर्ष 56 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद की गई है। यह उत्तर प्रदेश के इतिहास में किसी एक वर्ष में हुई सबसे अधिक गेहूं खरीद है। किसानों का हित सुरक्षित रखने के लिए सरकार संकल्पित है। जो भी किसान क्रय केंद्रों पर आ चुके हैं, उनके गेहूं की खरीद जरूर कराई जाए।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास प्राधिकरणों की बैठक में स्थानीय औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाए। औद्योगिक विकास में उनसे व्यवहारिक सुझाव प्राप्त किए जाएं। मंडल व जनपद स्तर के अधिकारी अपने क्षेत्रीय औद्योगिक इकाइयों के सतत संपर्क में रहें। इनसे संवाद बनाए रखा जाए। इनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए।