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Lucknow News: ढाई लाख लोगों को मिलेगा गृहकर-जलकर ओटीएस योजना का लाभ

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लखनऊ। एलडीए और आवास विकास की तरह अब नगर निगम और जलकल विभाग में भी एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के लिए शासन ने मंजूरी दे दी है। इससे राजधानी के करीब ढाई लाख भवनस्वामियों को फायदा होगा। योजना 15 अगस्त से 15 दिसंबर तक पूरे प्रदेश में लागू रहेगी। योजना का फायदा आवासीय, व्यावसायिक, सरकारी सहित सभी तरह की संपत्तियों के बकाया गृहकर व जलकर पर दिया जाएगा।
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नगर निगम बकाया गृहकर पर 15 प्रतिशत की दर से ब्याज लेता है। यदि आप फिर भी गृहकर जमा नहीं करते हैं तो जो 15 प्रतिशत ब्याज लगता है, उसे मूल टैक्स में जोड़कर बकाया बना दिया जाता है। नए साल में उस पर फिर से 15 प्रतिशत ब्याज लगता है। इस तरह यह चक्रवृद्धि ब्याज की तरह चलता है। जो लोग टैक्स जमा नहीं करते हैं उन पर साल-दर-साल ब्याज का बोझ बढ़ता जाता है। कई बार निगम कर्मचारी भी कई साल पीछे से गृहकर रिवाइज कर देते हैं, जिस पर ब्याज भी उसी तरह लगा देते हैं। ओटीएस योजना के लिए नगर निगम ने शासन को जो रिपोर्ट भेजी थी उसमें बताया था कि राजधानी में नगर निगम का भवनस्वामियों पर ब्याज सहित करीब 650 करोड़ रुपये गृहकर बकाया है। इसमें करीब 223 करोड़ रुपये ब्याज है। इसी तरह जलकल विभाग का सरचार्ज सहित 110 करोड़ रुपये जलकर व सीवर कर बकाया है। आदेश में साफ किया गया है कि योजना लागू होने से पहले जिन लोगों ने पूरा या आंशिक भुगतान कर दिया है, उन्हें किसी भी प्रकार की धनराशि वापस नहीं की जाएगी।

पूरा ब्याज होगा माफ
2019 में जब नगर निगम और जलकल विभाग के लिए ओटीएस योजना आई थी, उसमें ब्याज पूरा माफ किया गया था। उसी तरह इस बार भी ब्याज में पूरी छूट दी जाएगी। तीन किस्तों में बकाया जमा किया जा सकेगा। पहली किस्त बकाया की एक तिहाई होगी और इसे 30 दिन में जमा करना होगा। बाकी दो किस्तें अगले दो महीने में जमा करनी होंगी। आवेदन का निस्तारण 15 दिन में किया जाएगा।
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ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों से तरह से होगा आवेदन
ओटीएस में शामिल होने के लिए करदाता ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। सरकार ने नगर निकायों को निर्देश दिए हैं कि वे ईमेल, एसएमएस, पत्र, होर्डिंग, समाचार पत्र और सोशल मीडिया के जरिये योजना का प्रचार करें। इसके लिए विशेष शिविर और गोष्ठियां भी आयोजित की जाएंगी। सहूलियत के लिए हेल्पडेस्क भी बनाई जाएगी।
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शासन ने ओटीएस योजना को मंजूरी दी है। योजना के लिए शासन के जो भी निर्देश हैं, उसी के अनुपालन में इसे लागू किया जाएगा।
-गौरव कुमार, नगर आयुक्त
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