राजधानी को हरा-भरा और शुद्ध ऑक्सीजन आपूर्ति वाला बनाने के लिए नगर निगम 25 करोड़ रुपये खर्च कर 900 पार्कों में हरियाली बढ़ाएगा। वहीं एक पार्क इस तरह तैयार किया जाएगा, जिसमें अधिकतम ऑक्सीजन देने वाले पौधे ही लगाए जाएंगे। वहीं नगर निगम को वायु प्रदूषण कम करने के लिए 10 एंटी स्मॉग गन खरीदने की भी मंजूरी मिल गई है।
बृहस्पतिवार को मेयर संयुक्ता भाटिया की अध्यक्षता में हुई 15वें वित्त आयोग के बजट की बैठक में वायु प्रदूषण, हरियाली जैसे मुद्दों पर फैसले लिए गए। डीएम अभिषेक प्रकाश के अलावा नगर आयुक्त अजय द्विवेदी, नगर निगम कार्यकारिणी के उपाध्यक्ष रजनीश गुप्ता भी मौजूद रहे। मेयर ने बताया कि मौजूदा हालात को देखते हुए पार्कों में हरियाली बढ़ाए जाने के अलावा उनको उपयोगी बनाने की भी आवश्यकता है। इसके लिए बजट को स्वीकृति दे दी गई है। पार्कों में कंपोस्ट पिट का इंतजाम भी रहेगा, जिससे पौधों को खाद मिल सके और वे हरे-भरे बने रहें। एक ऐसा पार्क भी बनाया जाएगा, जिसमें सिर्फ सबसे ज्यादा ऑक्सीजन देने वाले पौधे लगाए जाएंगे। यह एक प्राकृतिक ऑक्सीजन फैक्ट्री के रूप में कार्य करेगा। इसके सफल रहने पर दूसरे पार्कों में भी इस प्रयोग के अनुभव उपयोग किए जा सकेंगे।
मेयर ने बताया कि वायु प्रदूषण को कम करने के लिए सड़क किनारे और डिवाइडर्स पर ग्रीन बफर जोन बनाए जाएंगे। इसके लिए अलग से 15 करोड़ रुपये बजट का इंतजाम किया गया है। वहीं शहर की छोटी सड़कों, गलियों और ऐसे स्थल जहां आवागमन बहुत होता है, वहां मेकैनिकल स्वीपिंग के लिए वैक्यूम व्हीकल से सफाई कराने के लिए महापौर ने मंजूरी दी। यह लखनऊ को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए एक प्रभावी कदम होगा।
वायु प्रदूषण कम करने के लिए प्रयास शुरू
हवा को सुधारने के लिए एयर क्वालिटी स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। इसके लिये मेयर संयुक्ता भाटिया ने 20 करोड़ रुपये आवंटित किए। इस स्टेशन से वायु गुणवत्ता सुधार एवं नियंत्रण की निगरानी की जाएगी। हवा में बढ़ रहे धूल सहित अन्य छोटे कणों से निपटने के लिए आधुनिक 10 एन्टी स्मॉग गन को खरीदने की भी मंजूरी दी गई है। निर्माण स्थलों पर प्रदूषण रोकने एवं आवागमन को व्यवस्थित करने के लिये 50 मूविंग व्यू कटर खरीदने के लिए भी मंजूरी प्रदान कर दी गई है।
मलबे से बनाई जाएंगी टाइल्स
निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण से निपटने के लिए मेयर ने 100 टीडीपी का एक सीएंडडी प्लांट लगाने की मंजूरी प्रदान कर दी। मलबा सीधे अपने जोन स्तर के डिपो पर जाएगा। यहां से सीएनडी प्लांट पर जाकर इसे रिसाइकिल कर टाइल्स का निर्माण किया जाएगा।
शमशान घाटों पर भी प्रदूषण का रहेगा ध्यान
शमशान घाटों में लकड़ी की खपत घटाने और प्रदूषण से बचने के लिए हरित शवदाह गृह और इलेक्ट्रिक शवदाह मशीन लगाने के लिए 5 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। अभी भैसाकुंड और गुलाला घाट पर दो-दो हरित शवदाह गृह संचालित हैं। इनकी संख्या बढ़ाते हुए आलमबाग, पिपराघाट, जानकीपुरम, वृन्दावन योजना स्थित शमशान घाटों में नए हरित शवदाहगृह लगाए जाएंगे। सामग्रियों के निस्तारण के लिए इंसिनेटर भी लगाया जाएगा। वहीं ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार हेतु नगर निगम द्वारा पांच टोइंग मशीन को खरीदने के लिए मेयर संयुक्ता भाटिया ने मंजूरी प्रदान कर दी है।