लखनऊ। राजधानी में बगैर परमिट के सड़कों पर फराटा भर रहे 248 अनफिट स्कूली वाहन बच्चों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। इनके अलावा 15 साल की उम्र पार कर चुके 452 स्कूली वाहन भी बच्चों को लाने-ले जाने के काम में लगे हैं। ऐसे वाहनों पर कार्रवाई के लिए परिवहन विभाग ने कमर कस ली है। अब ऐसे वाहन चलते पाए गए तो संबंधित स्कूलों पर आरटीओ का चाबुक चलेगा। इस संबंध में सोमवार को दिशानिर्देश जारी कर दिए गए।
राजधानी में 256 स्कूलों में वाहनों से बच्चों की आवाजाही है। एआरटीओ प्रशासन प्रदीप कुमार सिंह का कहना है कि अनफिट वाहनों के संबंध में स्कूल प्रबंधनों को जुलाई से लेकर अब तक तीन नोटिस दिए जा चुके हैं। हालांकि, न तो इनका जवाब दिया गया और न ही इनकी फिटनेस करवाने के लिए कोई कार्रवाई की गई। अब इन वाहनों को सीज करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। स्कूल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
परिवहन विभाग की ओर से चिह्नित 700 में से 452 वाहन 15 साल की मियाद पूरी कर चुके हैं। इनमें से 100 वाहनों के स्वामियों ने स्क्रैप करवाकर चेचिस सरेंडर कर दी है। हालांकि, लोन होने के कारण सरेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। बाकी वाहनों का डाटा परिवहन विभाग में अभी फीड नहीं हो सका है। इनमें से अधिकतर लगभग 20 साल पुराने हैं।