लखनऊ। लोकबंधु अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात की मौत के मामले में जांच तय समयसीमा के भीतर पूरी नहीं हो सकी है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के 24 घंटे में रिपोर्ट देने के निर्देश के बावजूद तीन सदस्यीय जांच समिति बुधवार तक न तो सभी कर्मचारियों के बयान दर्ज कर सकी और न ही गायनी वार्ड की पूरी सीसीटीवी फुटेज खंगाल पाई। इससे जांच की रफ्तार पर सवाल उठ रहे हैं।
मामले में यह भी जांच का विषय है कि घटना के समय लेबर रूम में कोई वरिष्ठ डॉक्टर मौजूद थीं या नहीं। आरोप है कि रात की ड्यूटी में अक्सर जूनियर डॉक्टरों के भरोसे वार्ड संचालित होता है। अस्पताल के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने दावा किया कि जांच गुरुवार तक पूरी कर ली जाएगी। हालांकि, उन्होंने माना कि कुछ कर्मचारियों के बयान और सीसीटीवी फुटेज की जांच अभी बाकी है। उधर, स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. पवन कुमार अरुण की ओर से गठित समिति भी अब तक अपनी रिपोर्ट नहीं सौंप सकी है।
गौरतलब है कि आशियाना निवासी कीर्ति पाल ने सोमवार को लोकबंधु अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के दौरान नवजात फर्श पर गिर गया, जिससे सिर में गंभीर चोट लगी और उसकी मौत हो गई। परिजनों के आग्रह पर नवजात का पोस्टमार्टम कराया गया था।