अल्पना तिवारी।
- फोटो : amar ujala
हम वहां फंसे थे और यहां हमारे परिजन परेशान थे। ऐसे में सभी ने घर भेजे जाने की मांग की, जिसे यूपी सरकार ने स्वीकार किया। आगरा में बस बदलने में काफी दिक्कत हुई। किसी ने सामान रखने आदि में सहयोग नहीं किया। हालांकि घर आने के बाद सारी समस्याएं समाप्त हो गई। - अल्पना तिवारी, चिनहट