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कोटा से लखनऊ लौटे 239 विद्यार्थी, टेस्ट में सभी पाए गए कोरोना निगेटिव, घर भेजे गए

Tue, 21 Apr 2020 04:51 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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राजस्थान से बसों से लाए गए छात्र-छात्राओं की बीबीडी में की गई जांच। - फोटो : amar ujala
राजस्थान के कोटा से लगातार दूसरे दिन सोमवार को लखनऊ के प्रतियोगी परीक्षार्थियों के आने का सिलसिला जारी रहा। सुबह से देर शाम तक 12 बसों से 239 स्टूडेंट्स आए। जिनका बीबीडी स्तिथ क्वारंटीन सेंटर में रैपिड टेस्ट कराया गया। निगेटिव मिलने पर उनके घर भेजा गया।  वहीं रविवार को भी आए सभी 45 स्टूडेंट्स की कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। सुबह 11 बजे पहली बस बीबीडी यूनिवर्सिटी स्थित क्वारंटीन सेंटर पहुंची। इसके बाद बसें आती रहीं। यहां स्टूडेंट्स की थर्मल स्क्रीनिंग और रैपिड टेस्ट किया गया, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद उन्हें घर जाने दिया । उन्होंने कहा कि कोटा में खास दिक्कत नहीं थी। लेकिन अपने घर लौटने पर बड़ी राहत की सांस ली है। खासकर परिजनों ने। वे हमें लेकर काफी टेंशन में थे। प्रदेश सरकार ने हमारे लिए भगवान का काम किया है। 
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जांच के लिए लाइन में खड़े छात्र-छात्राएं। - फोटो : amar ujala
सीएम को दिया धन्यवाद
कोटा से वापस लौटे छात्रों ने इसके लिए प्रदेश सरकार खासकर सीएम योगी आदित्यनाथ का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अभी तक सिर्फ  यूपी के ही स्टूडेंट्स वहां से आ सके हैं। 

 
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अल्पना तिवारी। - फोटो : amar ujala
हम वहां फंसे थे और यहां हमारे परिजन परेशान थे। ऐसे में सभी ने घर भेजे जाने की मांग की, जिसे यूपी सरकार ने स्वीकार किया। आगरा में बस बदलने में काफी दिक्कत हुई। किसी ने सामान रखने आदि में सहयोग नहीं किया। हालांकि घर आने के बाद सारी समस्याएं समाप्त हो गई। - अल्पना तिवारी, चिनहट  

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राज कृष्ण वर्मा। - फोटो : amar ujala
बोर्ड परीक्षा समाप्त हो चुकी थी, पीजी में काफी दिनों से पड़े थे। फोन करने पर खाना आता था। कई बार दिक्कत हो जाती थी। यहां आने पर पूरा टेस्ट हुआ है। इससे मैं और परिवार के लोग भी टेंशन फ्री हो गए हैं। आगरा में काफी देर तक इंतजार करना पड़ा था। - राज कृष्ण वर्मा, इस्माइलगंज  

 
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दीक्षिका तिवारी। - फोटो : amar ujala
मैं वहां हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी। जब सूचना मिली कि यूपी जाने के लिए बस की व्यवस्था हुई है तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा। रास्ते मे भी खाने के पैकेट दिए गए। मेरे वहां होने से परिवार के लोग काफी परेशान थे। अब वो और मैं दोनों खुश हैं। प्रदेश सरकार का जितना भी धन्यवाद दें कम है। - दीक्षिका तिवारी, बिजनौर, सरोजनी नगर  
 
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- फोटो : amar ujala
पहले लखनऊ जाने की खबर अफवाह लगी, जब शिक्षकों से कंफर्म किया तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा। खाना होस्टल में बाहर से आता था।  धीरे-धीरे समस्या बढ़ ही रही थी। ऐसे में प्रदेश सरकार ने हमारे ऊपर बहुत बड़ा एहसान किया है। - अमन सिंह, आलमबाग

आगरा में खत्म हुई सोशल डिस्टेंसिंग

स्टूडेंट्स ने बताया कि वे रविवार शाम लगभग चार बजे बस से चले थे। रात लगभग 12 बजे हम आगरा पहुंचे। जहां बसों से उतार दिया गया। कुछ को थोड़ी देर में दूसरी बस मिली तो कुछ को घंटों इंतजार करना पड़ा। जिन बस में उनको जगह मिली उसमें सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान नहीं रखा गया। छात्राओं ने बताया कि हमारे पास लगेज काफी था। बस से उतार दिया गया और फिर यहां.वहां भटके इसमें सामान को लेकर काफी दिक्कत हुई।
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