इस बार वीरता के लिए राष्ट्रपति के पदक से सम्मानित होने वालों में यूपी के 23 पुलिस अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं। इनमें आईजी भर्ती बोर्ड विजय भूषण प्रदेश के पहले ऐसे आईपीएस हो गए हैं जिन्हे यह पदक पांच बार मिला।
जिनको यह सम्मान मिल रहा है उनमे एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार, एडीजी 112 असीम अरुण, सचिव गृह के पद पर तैनात आईजी एसके भगत, पुलिस भर्ती बोर्ड में तैनात आईजी विजय भूषण व मौजूदा सं में बाराबंकी के पुलिस कप्तान डॉ. अरविन्द चतुर्वेदी के नाम शामिल हैं।
आईजी विजय भूषण को यह पदक पांचवीं बार मिला है। वह सबसे ज्यादा बार यह पदक पाने वाले प्रदेश के पहले आईपीएस अफसर हैं। एसटीएफ में तैनाती के दौरान एसके भगत व विजय भूषण ने मुंबई में एक मुठभेड़ में विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड में आरोपी कुख्यात शूटर फिरदौस को मार गिराया था। एसके भगत तब एसटीएफ के एसएसपी और विजय भूषण एएसपी थे।
पदक से सम्मानित होने वालों में एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार, एडीजी 112 असीम अरुण, एसएसपी अभिषेक यादव, एसएसपी अजय साहनी, एसपी सतपाल, एसपी अरविन्द चतुर्वेदी, एएसपी नरेन्द्र प्रताप सिंह व दिवंगत एएसपी राजेश साहनी (मरणोपरांत) के नाम शामिल हैं। नरेन्द्र प्रताप सिंह व अरविन्द चतुर्वेदी को यह पदक दूसरी बार मिला है। इनके अलावा सब इंस्पेक्टर अमित कुमार, प्रवेश कुमार, अजय कुमार व धनंजय मिश्रा के अलावा कांस्टेबल लोकेश भारती, एकांत यादव (मरणोपरांत), अतहर अहमद, अविनाश कुमार, विकास यादव, महेन्द्र पाल व फहीम मियां को भी वीरता के लिए राष्ट्रपति पदक दिया गया है। प्रवेश कुमार को भी यह पदक दूसरी बार मिल रहा है।