प्रदेश के 222 पुलिस अधिकारियों के प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया है। इनमें डीजी रैंक के 3, एडीजी रैंक के 11, आईजी रैंक के 36, डीआईजी रैंक के 65 और सेलेक्शन ग्रेड के 107 अधिकारी शामिल हैं। हालांकि 2018 के अंत तक भी ये सभी पद भरे नहीं जा सकेंगे।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि 2018 में एक अप्रैल, एक जुलाई और एक सितंबर को खाली हो रहे पदों को राज्य स्तर पर होने वाली प्रक्रिया के बाद भरा जा सकता है। इस तरह 2018 में प्रदेश के तीन एडीजी जीएल मीणा, डीएल रत्नम और राजकुमार विश्वकर्मा डीजी के पद पर प्रोन्नत हो जाएंगे। वहीं एडीजी के खाली 11 पदों में से आठ इसी वर्ष दिसंबर में भर जाएंगे।
इनमें डीजी के सहायक संजय सिंघल, आईजी स्थापना एसबी शिरोडकर, आईजी क्राइम सुनील कुमार गुप्ता, आईजी भर्ती बोर्ड जकी अहमद और वितुल कुमार, आईजी पीएचक्यू डॉ. केपीएस कुमार, आईजी कानून-व्यवस्था हरिराम शर्मा और आईजी मिर्जापुर प्रेम प्रकाश शामिल हैं। ये सभी 1993 बैच के अधिकारी हैं।
वहीं डीआईजी से आईजी के पद पर प्रोन्नति के लिए 36 पद खाली हैं। इन पदों के लिए फिलहाल प्रदेश में अधिकारी ही नहीं हैं। इसी तरह डीआईजी के पद पर प्रोन्नति के लिए 65 पद हैं और मौजूदा समय में 2004 बैच के केवल चार ही पुलिस अधिकारी हैं जिनको डीआईजी के पद पर प्रोन्नति मिल सकती है। 2005 बैच के आईपीएस अधिकारियों को सेलेक्शन ग्रेड पर प्रमोशन मिलेगा। फिलहाल इस बैच के 19 अधिकारी ही प्रदेश में उपलब्ध हैं।