मोहनलालगंज। जमीन खरीद फरोख्त से जुड़े बड़े मामले में धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि जमीन विक्रेताओं ने रियल एस्टेट कंपनी से दो करोड़ बीस लाख रुपये लेने के बावजूद न तो तय क्षेत्रफल की जमीन दी और न ही बैनामा किया। एसी-एसटी कोर्ट के आदेश पर बुधवार को केस दर्ज किया गया।
पुलिस के मुताबिक हंसराज रावत की कंपनी मोहनलालगंज के गौरा व पदमिन खेड़ा में आवासीय योजना विकसित करती है। वर्ष 2018 में कंपनी ने 29,967 वर्गफीट जमीन को एक हजार प्रति वर्गफीट की दर से खरीदने का करार किया था। आरोप है कि विक्रेताओं अशोक कुमार सिंह व अशोक कुमार सिंह ने जमीन का कुल क्षेत्रफल 32,500 वर्गफीट बताया था। फिर किस्तों में दो करोड़ बीस लाख रुपये का भुगतान कंपनी ने 29 जनवरी 2018 से 15 जुलाई 2019 के बीच बैंक ट्रांसफर व नकद के माध्यम से किया। भुगतान से संबंधित बैंक एंट्री, चेक नंबर और नकद रसीदें भी उपलब्ध कराई गईं। इसके बावजूद विक्रेताओं ने बैनामा नहीं किया।
पीड़ित हंसराज रावत का आरोप है कि इसकी शिकायत पुलिस से की गई तो पुलिस ने इसे आपसी लेन-देन का मामला बताकर एफआईआर दर्ज करने से इन्कार कर दिया। इंस्पेक्टर बृजेश कुमार त्रिपाठी के मुताबिक न्यायालय के आदेश पर केस दर्ज कर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।