22 साल में बहुत कुछ बदल गया। बाबरी मस्जिद मुद्दे में मुख्य पक्षकार मो. हाशिम अंसारी के सुर भी। पूरा देश हो या अयोध्यावासी ज्यादातर लोग अब शांति चाहते हैं।
मगर अभी भी कुछ लोग हैं जिनके इस संवेदनशील मुद्दे पर सियासी बयान जारी है। एक नजर डालते हैं क्या कहना है इस बड़े मुद्दे से जुड़े कुछ प्रमुख लोगों का।
बाबरी मस्जिद के पक्षकार मो. हाशिम अंसारी का कहना है कि इंतजार करते-करते ऊब गया। पुलिस की लाठी खाई। अभी घर में गिर गया। बिस्तर पर पड़ा हूं। चाहता हूं कि इस मुद्दे पर जो भी फैसला हो जल्द हो जाए।
न्यायालय को जो फैसला करना हो कर दे। तारीख पर तारीख, तब तक तो हाशिम मर जाएगा। मैं चाहता हूं कि फैसला मेरी जिंदगी में ही आ जाए।
हिंदुओं को भी सर्वोच्च न्यायालय से जल्दी सुनवाई कर फैसला देने की अपील करनी चाहिए। महंत ज्ञानदास के साथ मोदी से भी मिलूंगा, जिससे जल्दी फैसला हो जाए।
वहीं रामलला विराजमान के पक्षकार महंत धर्मदास का कहना है, उम्मीद है कोई सर्वमान्य रास्ता निकलेगा हाशिम भाई की बात सकारात्मक है। अब फैसला हो जाना चाहिए। पर, न्यायालय अगर किसी के पक्ष में फैसला दे भी देगा तो दूसरा पक्ष आसानी से उसे मान लेगा, इसकी उम्मीद कम ही दिखती है।
इसलिए समझौते की राह पर ही बढ़ना होगा। मुसलमान इस देश के दुश्मन नहीं हैं। मोदी सरकार से पूरी उम्मीद है कि कोई सर्वमान्य रास्ता निकलेगा। हम किसी जल्दबाजी में नहीं हैं।