मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित लोगाें की मदद के लिए केंद्र सरकार को मांगपत्र भेजने में देरी और तय गाइडलाइन के अनुसार मांगपत्र न भेजे जाने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने आपदा राहत से जुड़े अधिकारियों को इस वर्ष आई बाढ़ का आकलन कर मानक के हिसाब से संशोधित मांगपत्र केंद्र को जल्द भेजने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने ये निर्देश बृहस्पतिवार को लोक भवन में बाढ़ प्रभावित जिलों में नुकसान का भ्रमण कर लौटी केंद्रीय टीम व शासन के वरिष्ठ अफसरों के साथ बैठक में दिए। सूत्रों ने बताया कि बाढ़ खत्म होने के कई महीने बाद केंद्रीय टीम के प्रदेश के भ्रमण पर आने के बारे में मुख्यमंत्री ने सवाल किया। इस पर केंद्रीय टीम के सदस्यों ने राज्य के स्तर से मेमोरेंडम भेजे जाने में देरी की बात सामने रख दी।
इसके अलावा स्पष्ट गाइडलाइन केबावजूद मांगपत्र मानक के हिसाब से न बनाए जाने की भी बात साझा की। इस पर मुख्यमंत्री ने अफसरों को कहा कि आपदा प्रभावित लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए जरूरी है कि केंद्र सरकार को मांगपत्र समय से उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी आपदा की पहली रिपोर्ट सात दिन तथा दूसरी रिपोर्ट 15 दिन में भेजी जाए। इसके लिए नुकसान का आकलन समय से कराया जाए।
बताते चलें, प्रदेश सरकार ने 33 जिलों में बाढ़ से नुकसान का आकलन करते हुए केंद्र सरकार से 556 करोड़ रुपये की सहायता मांगी थी। केंद्रीय टीम इसी नुकसान का आकलन करने आई थी। अब सरकार को नए सिरे से मांगपत्र भेजना है। टीम ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि वह संशोधित मांगपत्र मिलने के 15 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। इसके बाद गृहमंत्री की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय कमेटी सहायता पर निर्णय करेगी।
बैठक में केंद्रीय दल की लीडर व गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव निधि खरे, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल, प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी विकास नितिन रमेश गोकर्ण तथा राहत आयुक्त जीएस प्रियदर्शी व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बाढ़ प्रभावित जिलों में जैविक खेती को मिलेगा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित अतिसंवेदनशील जिलों में किसानों को जैविक खेती के प्रति जागरूक किया जाए।ऐसे जिलों में किसान खाद व कीटनाशक का प्रयोग नहीं करते हैं। ऐसे क्षेत्रों के लिए जैविक खेती एक अच्छा विकल्प है।
केंद्रीय टीम ने 11 जिलों का जाना हाल
केंद्रीय टीम ने बीते मानसून में बाढ़ का सामना करने वाले प्रदेश के 33 जिलों में से 11 का भ्रमण कर नुकसान का आकलन किया। एक टीम बाराबंकी, अयोध्या, गोंडा, बलरामपुर, सीतापुर व खीरी गई, वहीं दूसरी टीम ने ललितपुर, कानपुर देहात, उन्नाव, हरदोई व फर्रुखाबाद जिले का जायजा लिया।