बलरामपुर। समाज में बेटियों के साथ हो रहे अन्याय अत्याचार के खिलाफ महिला शक्ति को ही औजार बनाकर तराई की बेटियां ज्वलंत मुद्दों पर बदलाव की बयार बहाएंगी। तराई क्षेत्र के अति पिछड़े जिले में महिलाओं की दशा व दिशा सुधारने का बीड़ा अब स्मार्ट बेटियों ने उठाया है। बाल विवाह, दहेज प्रथा, लैंगिक भेदभाव व बालिका शिक्षा के प्रति स्मार्ट बेटियां समाज की किशोरियों को जागरूक करेंगी। यही नहीं महिलाओं की समस्याओं से जुड़ी रोचक जानकारी भी वीडियो तथा सोशल मीडिया के माध्यम से सक्षम लोगों तक पहुंचाने का काम स्मार्ट बेटियां करेंगी।
बलरामपुर के एक होटल में स्मार्ट बेटियां परियोजना के तहत कार्यशाला का आयोजन मंगलवार को किया गया। यह कार्यशाला एफआरईएनडी (फाउंडेशन फॉर रूरल इंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट), यूनीसेफ, अमर उजाला फाउंडेशन तथा जयशंकर मेमोरियल सेंटर के सहयोग से आयोजित की गई। कार्यशाला में जिले की 25 स्मार्ट बेटियों को बाल विवाह, लैंगिक भेदभाव तथा बालिका शिक्षा के संबंध में उपयोगी जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने स्मार्ट बेटियों को वर्तमान समय में महिलाओं की दशा व दिशा के बारे में बताते हुए कहा कि आज भी देश की करीब 70 प्रतिशत किशोरियां लैंगिक भेदभाव के चलते एनीमिया की शिकार हैं। 47 प्रतिशत किशोरियों का विवाह 18 वर्ष से कम आयु में हो जाता है। भ्रूण हत्या के चलते पुरुष व महिला अनुपात लगातार गिरता जा रहा है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार देश के 1000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या मात्र 943 रह गई है।
घरेलू हिंसा के चलते तमाम महिलाएं असमय मौत का शिकार बन रही हैं। रूढ़िवादिता के चलते आज भी लोग बेटियां पैदा करने से परहेज करते हैं। पालन पोषण में भेदभाव, शिक्षा में असमानता, घरेलू हिंसा, शारीरिक व मानसिक शोषण के चलते महिलाएं स्वास्थ्य समस्याओं के साथ-साथ तनाव व अन्य संघर्षों का शिकार हो रही हैं। बेटियों के विकास में चाहे अनचाहे माता-पिता ही बाधक बन रहे हैं। दुनियाभर की एक तिहाई बाल-वधुएं केवल भारत में हैं। विकीपीडिया के अनुसार भारत में हर साल पांच लाख लड़कियों को गर्भ में ही मार दिया जा रहा है। यह स्थिति महिलाओं के लिए अत्यन्त चिंताजनक है।
यूनीसेफ, एफआरईएनडी, जेएमसी और अमर उजाला फाउंडेशन के सहयोग से जिले में कुल 75 बेटियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। एक स्मार्ट बेटी दो ग्राम पंचायतों के पांच किशोरियों के साथ महिलाओं की समस्याओं पर काम करेगी। महिला समस्या से जुड़ी रोचक वीडियो स्मार्ट बेटियों तथा समाचार लेखन के माध्यम से सक्षम लोगों तक पहुंचाकर उनका समाधान कराएंगी। कार्यशाला में स्मार्ट बेटियों को वीडियो बनाने तथा समाचार लेखन का प्रशिक्षण भी दिया गया।