बलरामपुर। प्रदेश की राजधानी में चल रही यूपी इन्वेस्टर्स समिट में जिले के सात उद्यमियों ने भी उत्साह दिखाया है और 40 करोड़ रुपये निवेश करने का फैसला लिया है। उद्यमियों का कहना है कि यदि सरकार ने कर्ज, सस्ती बिजली व सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रदान कीं तो हम चावल, दाल व बेकरी उत्पादों से संबंधित उद्योग लगाएंगे।
उपायुक्त उद्योग हरीराम पांडेय ने बताया कि सातों उद्यमियों ने 40 करोड़ रुपये निवेश करने का फैसला किया है। इन सभी का प्रस्ताव इन्वेस्टर्स समिट में भेज दिया गया है। गुरुवार को अमर उजाला टीम ने समिट में प्रस्ताव भेजने वाले कुछ उद्यमियों से बात की तो उनका पक्ष कुछ इस प्रकार था।
क्या बोले उद्यमी
मैने इंवेस्टर्स समिट में राइस व मसूर दाल उद्योग के लिए चार करोड़ रुपया लगाने का प्रस्ताव दिया है। जिले में चीनी मिल के अलावा अन्य कोई बड़ा उद्योग नहीं है। सरकार ने यदि सस्ता कर्ज आदि देकर प्रोत्साहित किया तो हम उद्योग लगाएंगे।
सीताराम, उद्यमी
मैने मसूर दाल छाटी मिल लगाने का प्रस्ताव दिया है। 11 करोड़ कर्ज मिले तो हम अपना एक करोड़ निवेश कर मसूर छाटी दाल की बड़ी यूनिट जरूर लगाएंगे।
श्याम सुन्दर केसरवानी, उद्यमी
यहां छोटी राइस मिले होने के कारण चावल उद्योग का विस्तार नहीं हो पा रहा है। सरकार ने यदि हमें मनमाफिक सहूलियतें दी तो हम चावल उत्पादन की बड़ी इकाई स्थापित करेंगे।
केदार जायसवाल
तेल मिल चलाने वाले उद्यमी भी इंवेस्टर्स समिट के जरिए चावल उत्पादन के क्षेत्र में उतरना चाहते हैं। मूलभूत सुविधाएं व सहूलियत मिले तो हम दो करोड़ निवेश करेंगे। साथ ही साथ लाइसेंस आदि लेने के लिए भी सरकार एकल विंडो की व्यवस्था करे।
साकेत तुलस्यान, उद्यमी
-जिले में दाल उत्पादन की अच्छी संभावना है। मैने इस उद्योग में 15 करोड़ निवेश करने का फैसला किया है। औद्योगिक क्षेत्र में बेहतर जल निकासी, बिजली की दरो में छूट तथा एकल विंडो लाइसेंस प्रणाली आदि सरकार देती है तो उद्योग शीघ्र ही सफल रूप से संचालित हो जाएगा।
जमाल अख्तर, उद्यमी
इनकी ओर से है निवेश का प्रस्ताव
उद्यमी-उद्योग- निवेश की धनराशि
श्याम सुन्दर केसरवानी-मसूर छाटी दाल - 12 करोड़
जमाल अख्तर- दाल मिल -15 करोड़
केदारनाथ - राइस मिल - 2 करोड़
कमालुद्दीन - राइस मिल - 4 करोड़
रियाजुद्दीन - बेकरी उद्योग - 1 करोड़
सीताराम - राइस व मसूर दाल - 4 करोड़
साकेत तुलस्यान - राइस मिल - 2 करोड़