फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दुराचारी को 20 साल की सजा

विज्ञापन
विज्ञापन
बलरामपुर। त्वरित सत्र न्यायाधीश प्रथम ने एक व्यक्ति को दुराचार का दोषी मानते हुए 20 साल की सजा सुनाई है। साथ ही न्यायाधीश ने आरोपी को 15 हजार रुपये अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन

गौरा चौराहा थाना क्षेत्र की निवासी एक महिला 16 अगस्त 2013 को बाजार से घर जा रही थी। महिला ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि गांव के ही बिस्मिल्लाह व उनके दो साथी शाम को छह बजे उसे खींच ले गए तथा सभी ने उससे दुष्कर्म किया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया तो पीड़िता ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर बिस्मिल्लाह व दो अन्य के खिलाफ 23 नवंबर 2013 को दुराचार का मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के बाद पुलिस ने बिस्मिल्लाह को दुराचार का दोषी मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता रवींद्र यादव व वसीउल हसन ने सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद एफटीसी प्रथम अशोक कुमार ने बिस्मिल्लाह को दुराचार करने का दोषी मानते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें