लखनऊ विश्वविद्यालय में पीएचडी की 21 सीटें इस साल खाली रह गई हैं। इनमें हिंदी और समाजशास्त्र जैसे विभागों की सीटें भी शामिल हैं। 17 आरक्षित और चार ओपन श्रेणी की सीटें हैं। आरक्षित सीटों को अन्य श्रेणी में समायोजित नहीं किया जा सकता था।
जबकि ओपन श्रेणी की सीटों पर तीन बार फीस जमा करने का मौका दिया गया, इसके बावजूद अभ्यर्थी नहीं मिले। लविवि ने इन सीटों पर अब अगले सत्र में दाखिला करने का फैसला किया है। लखनऊ विश्वविद्यालय ने अपने यहां 45 विभागों में कुल 579 सीटों पर दाखिले के लिए आवेदन मांगे थे।
कई महीने की प्रक्रिया के बाद चयनित अभ्यर्थियों को तीन बार फीस जमा करने का मौका दिया जा चुका है। इसके बावजूद बायोकेमिस्ट्री, हिंदी, समाजशास्त्र और फिजिक्स विभाग में एक-एक सीट की फीस जमा नहीं हुई।
वहीं अरेबिक, केमिस्ट्री, जियोलॉजी, फिलॉसफी, फिजिक्स, उर्दू और जूलॉजी विभाग में आरक्षित श्रेणी के चयनित अभ्यर्थी न बचने की वजह से सीट खाली रह गईं। ये सीट अन्य वर्ग में बदली नहीं जा सकती हैं। प्रवेश समन्वयक प्रो. अनिल मिश्रा के अनुसार अब चौथी सूची जारी नहीं की जाएगी। बची सीटें अगले सत्र के आवेदन के साथ जोड़ दी जाएंगी।