गाजियाबाद व कौशांबी, कानपुर सेंट्रल का झकरकटी, वाराणसी कैंट, इलाहाबाद के सिविल लाइन्स व जीरो रोड डिपो, लखनऊ के चारबाग व विभूति खंड (गोमती नगर), बरेली (सेटेलाइट), मेरठ के सोहराब गेट व भैसाली, आगरा के ट्रांसपोर्ट नगर, ईदगाह व आगरा फोर्ट, अलीगढ़ का रसूलाबाद, मथुरा, बुलंदशहर, रायबरेली, फैजाबाद, गोरखपुर व गढ़मुक्तेश्वर में बस अड्डे बनाए जा रहे हैं।
पड़ोसी राज्यों में बस संचालन के लिए किया एमओयू
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले हमारी बसें पड़ोसी राज्यों में नहीं जाती थीं। मगर, उनकी सरकार आने के बाद राजस्थान, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा समेत कई राज्यों के साथ एमओयू कर बसों का संचालन कराया है। उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन पर महिलाओं को परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई। राज्य सरकार ने दिव्यांगजनों को गंतव्य तक निशुल्क यात्रा की सुविधा दी जबकि पूर्व में यह प्रदेश की सीमा के अंदर ही थी। भविष्य में परिवहन निगम के समक्ष कई बड़ी चुनौतियां हैं। इनमें 2019 में तीर्थराज प्रयाग में होने वाले कुंभ में निगम को जनता की सेवा के लिए पूरी जवाबदेही के साथ सुविधाएं मुहैया करानी पड़ेंगी।
20 हवाई अड्डों का चल रहा है निर्माण : डॉ. शर्मा
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में तेजी से कार्य हो रहा है। प्रदेश में 20 हवाई अड्डों के निर्माण का कार्य भी चल रहा है। वहीं, परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि वर्तमान सरकार गांव-गरीब की खुशहाली के लिए कार्य कर रही है।