लंभुआ ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी गई
सुल्तानपुर। लंभुआ ब्लॉक की प्रमुख मीना देवी के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव सोमवार को पारित हो गया। बैठक में मौजूद 66 क्षेत्र पंचायत सदस्यों में 64 ने मतदान में अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया। इस पर एसडीएम ने अविश्वास प्रस्ताव पारित होने की घोषणा कर दी। अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद उनकी कुर्सी चली गई। एसडीएम की घोषणा के बाद भाजपाई खुुशी से झूम उठे।
करीब तीन साल पहले सपा सरकार के दौरान निर्विरोध चुनी गईं ब्लॉक मीना देवी को सत्ता परिवर्तन के बाद कुर्सी गंवानी पड़ी। अविश्वास के जरिए भाजपा की ओर से की जा रही मीना देवी को हटाने की कवायद सफल साबित हुई। जून के आखिरी सप्ताह में भाजपाइयों ने अविश्वास लाने की डीएम से मांग की थी। इसके साथ ही डीएम के सामने 47 क्षेत्र पंचायत सदस्यों की परेड भी कराई थी। परीक्षण के बाद डीएम ने अविश्वास प्रस्ताव के लिए 16 जुुलाई की तिथि निर्धारित की।
सोमवार सुबह ब्लॉक सभागार में एसडीएम लंभुआ रमेशचंद्र शुक्ल की अध्यक्षता में क्षेत्र पंचायत की बैठक शुरू हुई। बैठक में पहुंचे 66 क्षेत्र पंचायत सदस्यों में 64 ने ब्लॉक प्रमुख मीना देवी के खिलाफ लाए गए अविश्वास का समर्थन किया जबकि दो ने विरोध किया। बेदूपारा के बीडीसी अखिलेश पांडेय ने मौजूदा ब्लॉक प्रमुख के कार्यों को लेकर अविश्वास जताया। उनका समर्थन विनय बिहारी त्रिपाठी व चिंतामणि पांडेय ने किया। विरोध पर एसडीएम ने मतदान कराने का निर्णय लिया।
मतदान में 64 बीडीसी ने अविश्वास के पक्ष व दो ने विपक्ष में अपना मत दिया। आधे से अधिक क्षेत्र पंचायत सदस्यों के अविश्वास के पक्ष में होने से एसडीएम ने अविश्वास पारित होने की घोषणा की। बैठक में ब्लॉक प्रमुख मीना देवी के समर्थक 22 बीडीसी नहीं पहुंचे। अविश्वास प्रस्ताव पारित होने की घोषणा होते ही भाजपाई खुशी से झूम उठे। अविश्वास को पास कराने का जिम्मा पिछले दिनों भाजपा ने प्रदेश कार्य समिति सदस्य शिवाकांत मिश्र को सौंपा था। अविश्वास पारित होने से वे अपनी रणनीति में सफल हो गए। हालांकि रणनीति के पीछे सत्ता का सहयोग भी माना जा रहा है।