आठ हजार विद्यार्थियों के सामने दाखिले का संकट
अंबेडकरनगर। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद द्वारा जारी निर्देशों का अनुपालन नहीं करने वाले जिले के भी 24 महाविद्यालयों पर कार्रवाई की गाज गिरी है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित महाविद्यालयों के मौजूदा सत्र 2018-19 के प्रथम वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। ये निर्णय गत दिवस विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित बैठक के बाद लिया गया है।
आरोप है कि तमाम निर्देशों के बावजूद अब तक महाविद्यालयों में संचालित पाठ्यक्रमों में मानक के अनुसार शिक्षक एवं प्राचार्य की उपलब्धता के साथ-साथ ही ऑनलाइन पोर्टल पर निर्धारित जानकारी नहीं दी गई और न ही शिक्षकों व प्राचार्य का डाटा ही सत्यापित कराया जा रहा है।
माना जा रहा है कि इस निर्णय से लगभग आठ हजार छात्र-छात्राओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
अवध विश्वविद्यालय से जुड़े महाविद्यालयों में पिछले दिनों पाठ्यक्रमों के अनुमोदन में धांधली सामने आई थी। इसमें एक-एक शिक्षक की डिग्री कई अन्य महाविद्यालयों में लगाकर पाठ्यक्रमों का अनुमोदन कराने के मामले का खुलासा हुआ था।
जिले के कई महाविद्यालयों में ये गड़बड़ी सामने आई थी। हालांकि कई महाविद्यालयों ने इसमें सुधार तय कर लिया। इस बाबत विश्वविद्यालय ने निर्देश दिया कि सभी महाविद्यालय पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षकों व प्राचार्य की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
साथ ही निर्धारित पोर्टल पर ऑनलाइन आवश्यक सूचना उपलब्ध कराएं। इसमें उन सभी बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध करानी होगी। इसके अलावा विश्वविद्यालय द्वारा स्थापित शिक्षकों का ऑनलाइन वेरिफिकेशन कराना होगा।
मगर तमाम निर्देशों के बावजूद जिले के 24 महाविद्यालयों ने अब तक इसका पालन नहीं किया। गत 29 जून को अवध विश्वविद्यालय द्वारा जारी निर्देश के बाद जिले के संबंधित महाविद्यालयों में हड़कंप की स्थिति है।
विश्वविद्यालय द्वारा जारी नोटिस में कहा गया कि संबंधित महाविद्यालयों को गत शैक्षिक सत्र 2017-18 से आवश्यक वेरिफिकेशन के लिए निर्देशित किया जा रहा है, लेकिन अब तक उनके द्वारा अनुमोदित पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षकों व प्राचार्य का सत्यापन नहीं कराया जा रहा है। ऐसे में तत्काल प्रभाव से संबंधित महाविद्यालयों में प्रथम वर्ष के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
अवध विश्वविद्यालय फैैजाबाद के प्रभारी कुलसचिव प्रो. एसएन शुक्ल का कहना है कि, शिक्षकों व प्राचार्य का आवश्यक विवरण नहीं देने वाले महाविद्यालयों में प्रथम वर्ष के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। इन महाविद्यालयों ने यदि जल्द आवश्यक प्रगति रिपोर्ट नहीं सौंपी तो आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।