फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्लास्टिक बेबी पर अमेरिकी चिकित्सकों ने शुरू किया शोध

विज्ञापन
विज्ञापन
बहराइच। अमेरिकी डॉक्टरों ने बहराइच के चिकित्सक के साथ प्लास्टिक बेबी पर शोध कार्य शुरू कर दिया है। इस मामले में गुरुवार को हारवर्ड मेडिकल स्कूल आफ अमेरिका के विशेषज्ञों ने मोबाइल से कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बच्चे की स्थिति देखी। बच्चे के माता-पिता से बात की। सैंपल किट जांच के लिए अमेरिका भेजी जाएगी।
विज्ञापन


बलरामपुर जिले के हर्रैया थाना अंतर्गत चौधरीडीह बिनहौनी गांव निवासी अनीता देवी ने बीते 25 मई को बेटे को जन्म दिया था। लेकिन जन्म के कुछ घंटों बाद माता-पिता को पता चला कि उनका बच्चा कोलोडियन (प्लास्टिक) बेबी है। बलरामपुर, श्रावस्ती, गोंडा और बहराइच जिला अस्पताल में माता-पिता बच्चे को लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज मुहैया नहीं हो सका।

एक निजी क्लीनिक के चिकित्सक डॉ. शिशिर अग्रवाल ने बच्चे को भर्ती कर इलाज शुरू किया और उसके प्लास्टिक बेबी होने की पुष्टि की। बच्चे के जन्म को एक माह तीन दिन बीत चुके हैं। वह स्वस्थ है। डॉक्टर शिशिर ने प्लास्टिक बेबी पर शोध के लिए अमेरिका के हारवर्ड मेडिकल स्कूल से संपर्क साधा।
विज्ञापन


उस पर स्कूल के नेनोलाजिस्ट डॉ. पंकज शोध करने को तैयार हो गए। लेकिन वह उस समय अमेरिका से बाहर थे। डॉ. शिशिर ने बताया कि गुरुवार को डॉ. पंकज ने हारवर्ड मेडिकल स्कूल पहुंचकर कॉन्फ्रेंसिंग कर बच्चे की स्थिति जांची। इसके बाद शोध के लिए पांच तरह का सैंपल भेजने को कहा है।

इसके लिए नेनोलाजिस्ट डॉ. पंकज की ओर से कोरियर के द्वारा विशेष किट भेजी गई है। वह किट तीन दिन में मिल जाएगी। उसी में सैंपल शोध के लिए भेजा जाएगा।

डीएनए समेत पांच बिंदुओं पर होगा शोध
डॉ. शिशिर ने बताया कि डॉ. पंकज ने बच्चे के डीएनए परीक्षण की बात कही है। इसके लिए ब्लड, टीसू, पेट की सफाई से निकलने वाली त्वचा, स्लाइबा का सैंपल भेजने को कहा है।

बच्चे के साथ उसके माता-पिता का ब्लड और टीसू सैंपल भी अमेरिका भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि बहराइच में जन्मा प्लास्टिक बेबी देश का तीसरा कोलोडियन बेबी है। इसके पूर्व अमृतसर और पुणे में एक-एक बच्चे के जन्म की पुष्टि हुई थी, लेकिन शोध कार्य नहीं किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें