गोंडा। बेटियों के विवाह के लिए समाज कल्याण विभाग की तरफ से संचालित सामूहिक विवाह अनुदान योजना समाज कल्याण मंत्री के गृह जिले के लोगों को ही रास नहीं आ रही है। सरकार की ओर से 30 जनवरी को सामूहिक विवाह का कार्यक्रम तय होने के बावजूद अब तक इस योजना में एक भी आवेदन नहीं आया है। लोगों की बेरुखी से इस योजना के तहत आवंटित किए गए 1.66 करोड़ रुपये विभाग के खाते में डंप पड़े हैं और विभागीय अफसर आवेदन पत्रों का इंतजार कर रहे हैं।
सपा सरकार में गरीब बेटियों के विवाह के लिए समाज कल्याण विभाग की तरफ से शादी अनुदान योजना संचालित गई थी। इस योजना के तहत बेटी के विवाह के लिए 20 हजार रुपये लाभार्थी के खाते में भुगतान किया जा रहा था। सरकार बदलने पर इस योजना का स्वरूप भी बदल गया और सरकार ने इसे सामूहिक विवाह अनुदान योजना में परिवर्तित कर दिया। कहा गया कि अब आवेदक को धनराशि देने के बजाय जिले स्तर पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिले के मंत्री, सांसद व विधायक इस विवाह समारोह में शिरकत करेंगे और बेटियों को उनके बाबुल के साथ ही आशीर्वाद देंगे। विवाह के समय ही बेटी के खाते में 20 हजार रुपये की राशि भेजी जाएगी। 10 हजार रुपये में जेवर व मोबाइल फोन व पांच हजार रुपये टेंट व भोजन आदि पर व्यय किए जाएंगे। सीडीओ की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय समिति की इस व्यवस्था की निगरानी करेगी। आवेदन पत्रों के सत्यापन के बाद पात्र लाभार्थियों के चयन की योजना थी। समाज कल्याण मंत्री का गृह जनपद होने के चलते जिले को करीब पांच सौ बेटियों के विवाह के लिए 1.66 करोड़ रुपये की धनराशि का आवंटन किया गया था। नई योजना के तहत विवाह के समय सरकार के मंशा के मुताबिक 30 जनवरी को जिले स्तर पर सामूहिक विवाह का कार्यक्रम आयोजित करने की रुपरेखा भी तैयार की गई है, मगर इस योजना के तहत सामूहिक विवाह के लिए बेटियों के बाबुल तैयार नही हैं। दिसंबर की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन अब तक एक भी आवेदन विभाग के पास नहीं आया है। समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री का गृह जनपद होने के बावजूद इस योजना में आवेदकों का टोटा चौंकाने वाला है। जिला समाज कल्याण अधिकारी अंजनी कुमार ने बताया कि सामूहिक विवाह अनुदान योजना के तहत अब सामूहिक विवाह की तारीख तय होने के बाद इच्छुक लोगों से आवेदन पत्र लिए जाएंगे। शासन स्तर पर यह फैसला लिया गया है। जल्द ही बैठक कर तारीख तय की जाएगी।
इन अफसरों के पास करना है आवेदन
सामूहिक विवाह अनुदान योजना के लिए पात्र आवेदक अधिशाषी अधिकारी जिला पंचायत, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत व ब्लॉकों में बीडीओ के पास अपने आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं। इन्हीं अफसरों को इन आवेदन पत्रों का सत्यापन भी करना है। सत्यापन के बाद इन आवेदन पत्रों को समाज कल्याण विभाग के कार्यालय जमा किया जाना था, मगर अब तक एक भी आवेदन पत्र नहीं जमा हुए हैं।
रद्दी में चले गए पिछले वर्ष के 1297 आवेदन
पिछले वित्तीय वर्ष में शादी अनुदान योजना में जिले स्तर पर 1297 आवेदन लंबित थे, मगर योजना के स्वरूप को बदलने के नई सरकार के फैसले के बाद यह आवेदन पत्र रद्दी की टोकरी में चले गए। इसके लिए जिले को आवंटित की गई 2.59 करोड़ रुपये की राशि भी शासन को वापस कर दी गई।