प्रदेश में भ्रष्ट व नाकारा कर्मियों को नौकरी से बाहर करने के लिए शुरू की गई स्क्रीनिंग का असर दिखने लगा है। योगी सरकार के दो साल के कार्यकाल में अब तक विभिन्न विभागों के ऐसे 201 कर्मियों को जबरन सेवानिवृत्ति दे दी गई जबकि 417 को कड़ा दंड दिया गया है। दंड पाने वालों की वेतनवृद्धि व पदोन्नति रोकने तथा पदावनत करने के साथ-साथ कड़ी चेतावनी दी गई है। कुछ और कर्मियों की छंटनी जल्द होने की संभावना है।
दरअसल प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्ट-नाकारा अफसरों व कर्मचारियों को सिस्टम से बाहर करने के लिए 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की स्क्रीनिंग कर अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने के निर्देश दिए थे। इसके तहत 31 मार्च, 2017 तक 50 साल की उम्र पार कर चुके सरकारी कर्मियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने के लिए विभिन्न विभागों में स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया गया था। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार स्क्रीनिंग कमेटी की 31 मार्च, 2017 से 19 मार्च, 2018 के बीच की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई हुई।