लखनऊ। जिले में बाढ़, भूकंप, आग और अन्य दैवी आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए 2000 युवाओं को आपदा मित्र के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। राज्य आपदा प्रबंधन मोचन बल की ओर से मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रैल के प्रथम सप्ताह में सात दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
प्रशिक्षण के लिए विभिन्न संगठनों से युवाओं का चयन किया गया है। इनमें 1000 स्काउट गाइड, 500 एनसीसी, 250 एनएसएस और 250 मेरा युवा भारत से जुड़े युवा शामिल हैं। प्रशिक्षण के दौरान इन्हें आपदा के समय राहत व बचाव कार्य करने की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी, जिससे वे किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन की सहायता कर सकें। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये आपदा मित्र अपने-अपने क्षेत्रों में आपदा के समय राहत कार्यों में सहयोग करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर इन प्रशिक्षित युवाओं को जिले के साथ मंडल और अन्य प्रदेशों में भी दैवी आपदा के दौरान सहायता के लिए भेजा जा सकेगा।
जिला आपदा विशेषज्ञ एवं सहायक प्रभारी अधिकारी अमर सिंह ने बताया कि जिले में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए युवाओं को आपदा मित्र के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है। नूरपुर भदरसा क्षेत्र में स्थित राज्य आपदा प्रबंधन मोचन बल मुख्यालय पर सात दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण में उन्हें राहत व बचाव कार्य, प्राथमिक उपचार और आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया से जुड़ी महत्वपूर्ण तकनीकों की जानकारी दी जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर वे प्रशासन के साथ मिलकर प्रभावी सहायता कर सकें।
-ट्रेनिंग में सिखाई जाएंगी ये खास तकनीकें
- बाढ़, भूकंप और आग जैसी आपदाओं में राहत व बचाव के तरीके।
- घायलों को सुरक्षित निकालने और प्राथमिक उपचार देने का प्रशिक्षण।
- रस्सी, स्ट्रेचर व अन्य उपकरणों के उपयोग की तकनीक।
- आपदा के समय लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की प्रक्रिया।
- राहत एजेंसियों और प्रशासन के साथ समन्वय कर कार्य करने के तौर तरीके।