बीमारी छुपाकर होम आइसोलेशन में रह रहे 200 मरीज भेजे जाएंगे अस्पताल
केस 1 : गोमतीनगर विनम्रखंड में दंपती व उनके जुड़वा बच्चे कोरोना पॉजिटिव आए थे। अन्य बीमारियां छिपाते हुए इन लोगों ने होम आइसोलेशन में रहने की बात कही। सत्यापन में कंट्रोल रूम में दी गई जानकारी गलत पाई गई, जिसके बाद दंपती समेत चारों लोगों को शनिवार शाम लोहिया संस्थान में शिफ्ट कराया गया है।
केस 2 : अलीगंज निवासी बुजुर्ग (65) कैंसर से ग्रसित थे। कोरोना पॉजिटिव होने के बाद उन्होंने यह जानकारी छुपाकर होम आइसोलेशन चुना। जांच के दौरान वह कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से ग्रसित होने बाद भी अस्पताल जाने को राजी नहीं थे। हालत बिगड़ने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उन्हें पीजीआई में शिफ्ट कराया है।
ये मामले तो कुछ उदाहरण हैं। 200 से अधिक कोरोना संक्रमित अपनी अन्य बीमारियां और जानकारी छुपाकर होम आइसोलेशन में रह रहे हैं।
टीम के सत्यापन में हकीकत सामने आने पर स्वस्थ्य विभाग इनकी नई सूची तैयार करवा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि सितंबर में तबीयत बिगड़ने के बाद ऐसे करीब 300 रोगियों का होम आइसोलेशन समाप्त किया गया है।
होम आइसोलेशन के नोडल अफसर डॉ. केपी त्रिपाठी के मुताबिक, होम आइसोलेशन में बीमारी से ग्रसित मरीजों को अस्पताल में शिफ्ट कराया जा रहा है।
लेवल-1 ग्रेड के अस्पतालों पर बढ़ेगा लोड
होम आइसोलेशन शुरू होने के बाद लेवल-1 ग्रेड के अस्पतालों में बेड खाली पड़े थे। वहां जाने के बजाय मरीज निजी सेंटर या होम आइसोलेशन में चले जाते थे। ऐसे में लेवल-1 ग्रेड मेंलोकबंधु व रामसागर मिश्रा अस्पताल में करीब 90 प्रतिशत बेड खाली पड़े हुए थे। नए आदेश के तहत सर्दी-जुकाम के रोगी को भी अस्पताल में शिफ्ट करने से लेवल 1 ग्रेड के बेड भी जल्द फुल हो जाएंगे।