लखनऊ। नया डीएम सर्किल रेट उद्योगों को बढ़ावा देने वाला है। तय मानकों के साथ कई अलग-अलग औद्योगिक इकाइयों की क्रय-बिक्री व नई ईकाइयों को लगाने में 20 से लेकर 40 फीसदी तक की छूट का प्रावधान किया गया है। प्रशासन को उम्मीद है कि इससे औद्योगिक क्षेत्र के विकास में अहम योगदान होगा। निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
नगर निगम सीमा के अंतर्गत स्थापित सीमेंट फैक्टरी, राइस मिल, आटा मिल, शुगर मिल, कोल्ड स्टोरेज, ईंट-भट्ठा, वेयर हाउस व अन्य औद्योगिक इकाइयों के क्रय और विक्रय पर 20 फीसदी की छूट दी गई है। इसी तरह से नगर निगम सीमा के बाहर एक हजार वर्गमीटर तक की इस तरह की इकाइयों की खरीद-फरोख्त में भी 20 फीसदी तक की छूट दी गई है। वहीं, अगर नगर निगम सीमा के बाहर एक हजार वर्गमीटर या इससे अधिक क्षेत्र में कोई नई औद्योगिक इकाई स्थापित होती है तो उसमें निर्धारित अकृषक भूमि की दर में 40 फीसदी की छूट का प्रावधान किया जाएगा।
निवेश बढ़ने की उम्मीद
उद्योगों में छूट होने से आने वाले समय में निवेश की संभावनाएं बढेंगी, क्योंकि इसमें निवेशक को भी लाभ मिलेगा। प्रदेश सरकार भी निवेश को बढ़ावा देने के लिए इन्वेस्टर्स समिट समेत तमाम आयोजन समय समय पर करती रही है। फिलहाल राजधानी में औद्योगिक इकाइयों को स्थापित करने व क्रय-विक्रय में जो राहत दी गई है, ये उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अहम कदम है।
दो नए औद्योगिक क्षेत्र भी शामिल किए गए
नए सर्किल रेट में दो नए औद्योगिक क्षेत्र शामिल किए गए हैं। इसमें घावां व डिफेंस इंडस्टि्रयल कॉरिडोर भटगांव शामिल है। घावां औद्योगिक क्षेत्र की दर पांच हजार प्रति वर्गमीटर निर्धारित की गई है, जबकि डिफेंस कॉरिडोर भटगांव की 1700 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय की गई है। वहीं अन्य औद्योगिक क्षेत्र के सर्किल रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
ऐसा है नया सर्किल रेट
औद्योगिक क्षेत्र निर्धारित सर्किल रेट
अमौसी 4500
गहरू 5000
हरचंदपुर गढ़ी कनौरा व तालकटोरा 6000
चिनहट 6000
घावां 5000
डिफेंस इंडस्टि्रयल कॉरिडोर भटगांव 1700
सरोजनीनगर 4500
राज्य में आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
Iविभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि की दरें निर्धारित करने से औद्योगिक संस्थानों को अपनी आवश्यकताओं के अनुसार भूमि प्राप्त करने में आसानी होगी। नगर निगम सीमा के भीतर और बाहर के औद्योगिक संस्थानों के लिए अलग-अलग दरें होने से उन्हें अपनी आवश्यकताओं के अनुसार भूमि प्राप्त करने में मदद मिलेगी। यह निर्णय उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।I
I- रितेश श्रीवास्तव, महासचिव, सरोजनीनगर मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्रियल एसोसिएशनI
अभियान को मिलेगी रफ्तार
Iछोटे प्लॉट में 40 प्रतिशत करने से उद्योगों को और प्रोत्साहन मिलेगा और शासन की महत्वाकांक्षी योजना सीएम युवा उद्यमी अभियान को भी फायदा होगा।I
I- विकास खन्ना, चेयरमैन, आईआईए, लखनऊ चैप्टरI