लोकसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता के कारण प्रदेश की 2.59 लाख
छात्राओं को कन्या विद्याधन वितरित नहीं हो सका।
विभाग योजना के 480.28
करोड़ रुपये का उपयोग नहीं कर पाया। यह राशि पीएलए (पब्लिक लेजर अकाउंट)
में रख दी गई थी।
अब माध्यमिक शिक्षा मंत्री इकबाल महमूद ने शेष्ा
छात्राओं को तत्काल कन्या विद्याधन देने के निर्देश दिए हैं।
मंत्री
ने बताया कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2013-14 में 4.45 लाख छात्राओं को कन्या
विद्याधन देने का लक्ष्य रखा था। इनमें से 1.86 लाख छात्राओं को ही कन्या
विद्याधन का लाभ मिल पाया है।
सरकार ने इसके लिए 900 करोड़ रुपये का
प्रावधान किया था। इसमें से 480 करोड़ रुपये बच गए थे। इसे तत्काल वितरित
करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।
साथ ही सरकार ने चालू वित्तीय
वर्ष 2014-15 में भी इस योजना के लिए 900 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान
किया है।
प्रदेश में बालिका शिक्षा को
बढ़ावा देने के लिए आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की इंटर पास करने वाली
छात्राओं को कन्या विद्याधन दिया जाता है।
वर्ष 2013-14 में सामान्य वर्ग
की 73,172, अल्पसंख्यक वर्ग की 65,994, पिछड़ा वर्ग की 1,29,945 अनुसूचित
जाति की 1,76,388 छात्राओं को इस योजना का लाभ देने का लक्ष्य रखा गया था।
इनमें से सामान्य वर्ग की 37,990, अल्पसंख्यक वर्ग की 33,262, पिछड़ा वर्ग
की 69,225, अनुसूचित जाति की 45,826 छात्राओं को ही इस योजना का लाभ मिल
सका है।