गोंडा। सरस्वती विद्या मंदिर में सोमवार से शुरू हुई कार्यशाला में मंगलवार को डेढ़ दर्जन से अधिक स्कूलों के अध्यापकों को गणित पढ़ाने के आसान टिप्स दिए गए। प्रशिक्षकों ने अध्यापकों को बताया कि प्राचीनकाल में भारत गणित मामले में सबसे अग्रणी था। इन्हीं वैदिक तरीकों से गणित की शिक्षा देकर हम पुन: विश्व गुरु बन सकते हैँ।
सरस्वती बालिका विद्या मंदिर में संकुल स्तरीय वैदिक गणित कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ संकुल प्रमुख श्र्प्रवीण श्रीवास्तव ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यशाला में धीरेंद्र श्रीवास्तव, सुभाष मिश्र ने जिले के करीब 20 विद्यालयों के गणित अध्यापकों को वैदिक विधि से गणित पढ़ाने के तरीके बताए। सरस्वती बालिका विद्या मंदिर की प्रधानाचार्या पुष्पा मिश्रा तथा शिशु मंदिर प्रधानाचार्य गार्गी दीन वाजपेयी की देेखरेख में चले प्रशिक्षण में प्राचीन काल की शिक्षण शैली का बखान करते हुए अध्यापकों को इसी को अपनाने पर जोर दिया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि प्राचीन काल में वैदिक रीति से किस तरह से लोग गणित की अच्छी जानकारी रखते थे। प्रचार प्रमुख रेनू मिश्र ने बताया कि कार्यशाला में गुंजन दूबे, दीपिका, प्रियंका पाठक, शकुंतला, रीता, गुंजन सुभाष चंद्र, रामकृष्ण ,सुरेंद्र, राजेंद्र सिंह, अरुण तिवारी आदि शिक्षक मौजूद रहे।