बहराइच। ग्रामीण अंचलों के लोगों को समुचित स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए एएनएम केंद्रों को आरोग्य केंद्र में तब्दील किया जाएगा।
यहां पर तैनात एएनएम को विशेष प्रशिक्षण देकर हर तरह के इलाज में पारंगत बनाया जाएगा। इसके लिए एएनएम को छह माह की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।
प्रदेश के 30 जिलों को चयनित किया गया है, जिसमें बहराइच भी शामिल है। प्रथम चरण में जिले के 60 एएनएम सेंटर की दशा बदलेगी। ऐसे में गांव के लोगों को अब इलाज के लिए झोलाछाप का सहारा नहीं लेना होगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को आम आदमी तक पहुंचाने के लिए सरकार ने अभिनव शुरुआत की है। उसी के तहत एएनएम सेंटरों को आरोग्य केंद्र में तब्दील किया जाएगा।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए जिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. ओपी पांडेय ने बताया कि जिले में 310 एएनएम सेंटर स्थापित हैं। इनमें 60 एएनएम सेंटर को प्रथम चरण में चयनित किया गया है।
इनमें चित्तौरा, हुजूरपुर, महसी, कैसरगंज, नानपारा, शिवपुर, अमवा हुसैनपुर, रिसिया और पयागपुर क्षेत्र के एएनएम सेंटर शामिल हैं। सभी को नए सिरे से संवारने के बाद उन्हें आरोग्य केंद्र में तब्दील किया जाएगा।
प्रत्येक सेंटर पर एक प्रशिक्षित एएनएम की ड्यूटी होगी, जिसे सभी रोगों के परीक्षण और इलाज की ट्रेनिंग दी जाएगी। ऐसे में गांव व कस्बे के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
आरोग्य केंद्र पर तैनात एएनएम को कम्युनिटी हेल्थ अफसर के रूप में तैनाती मिलेगी। उसे स्वास्थ्य सेवा के लिए तीन साल का करार भी स्वास्थ्य विभाग से करना पड़ेगा।
जुलाई से शुरू होगा प्रशिक्षण
मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. ओपी पांडेय ने बताया कि यूपी एचएसपी प्रोग्राम के तहत बीते दिनों एएनएम की भर्ती हुई है। उन्हीं में 60 एएनएम का चयन किया गया है।
दो चक्रों में एएनएम को प्रशिक्षण दिया जाएगा। पहला बैच जुलाई से दिसंबर तक चलेगा। दूसरा बैच जनवरी से जून तक संचालित होगा। चयनित एएनएम को छह विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम प्रशिक्षण प्रदान करेगी।
बीच में नौकरी छोड़ी तो देना होगा जुर्माना
आरोग्य केंद्र पर तैनात होने वाली एएनएम/कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर को प्रशिक्षण के साथ ही स्वास्थ्य विभाग को तीन साल अनिवार्य सेवा का शपथ पत्र देना होगा।
अगर बीच में नौकरी छोड़ी तो स्वास्थ्य विभाग जुर्माना वसूल करेगा। यह जुर्माना शेष नौकरी के वेतन के आधार पर तय किया जाएगा।
दो जुलाई से शुरू होगा प्रशिक्षण
चयनित सीएचओ का प्रशिक्षण दो जुलाई से जिला अस्पताल के अचल प्रशिक्षण केंद्र में शुरू होगा। इस दौरान सामान्य रोगों के साथ जटिल रोगों के परीक्षण और उपचार के तौर तरीके बताए जाएंगे।